पश्चिम बंगाल में घुसपैठियों पर कड़ी कार्रवाई तेजी से हो रही है। वहीं, शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने अवैध मदरसों पर भी कड़ी कार्रवाई की है। सरकार के पास खुफिया एजेंसी के माध्यम से प्रमाण मिल रहे हैं कि राज्य के मदरसे पूरी तरह से अनियंत्रित हैं। एक मान्यता प्राप्त मदरसा की आड़ में कई गैर मान्यता प्राप्त मदरसे चल रहे हैं। इन्हें संदिग्ध स्रोतों से पैसा मिल रहा है। संदिग्ध स्रोत ही उन्हें बता रहे हैं कि उन्हें क्या पढ़ाना है। इस तरह राज्य के बच्चे कट्टर बनते जा रहे हैं। इस पूरे चक्र का प्रयोग केवल जिहादी बनाने के लिए हो रहा है। इस पद्धति से निकलनेवाले किसी भी बच्चे में देशभक्ति की भावना संदिग्ध ही रहेगी।
मदरसा जांच की जद में मस्जिदें और कमेटी भी आएंगी
शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने सभी मदरसों के सर्वेक्षण के साथ ही लेखा परीक्षा करने का भी आदेश दिया है। इसके अलावा अवैध हथियारों की तलाशी भी एक आदेश की तरह है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अवैध हथियार समय-समय पर दंगे कराने के लिए मुहैया कराए जाते हैं। मदरसों की जद में मस्जिदें और कमेटी भी आएंगी और उन सभी की छानबीन की जाएगी। इसके साथ ही पैसों के लेन-देन को भी जांच के दायरे में लाया जाएगा। इन मदरसों के पास पैसे कहां से आ रहे हैं और जो इन्हें धन उपलब्ध हो रहा है, उसका आधार क्या है ? इसके अलावा इनके पाठ्यक्रम की भी जांच की जाएगी और देखा जाएगा कि क्या यह पूर्व में किसी भी प्रकार के कोई अवैध धंधे में लिप्त रहे हैं ?
इमामों और शिक्षकों की पृष्ठभूमि कैसी है? इन सभी बिंदुओं की सूक्ष्म से सूक्ष्म जानकारी प्राप्त की जाएगी। इसके बाद गड़बड़ी पाये जाने वाले मदरसों को ना केवल बंद किया जाएगा बल्कि उनके शिक्षकों और कमेटी के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाएगी। उन पर प्रतिबंध भी लगाया जाएगा, जो जीवन पर्यन्त तक का भी हो सकता है।
ममता बनर्जी की तुष्टिकरण की नीति
ममता बनर्जी के कार्यकाल में पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में संदिग्ध लोगों का बड़े पैमाने पर आना-जाना आम था। ऐसे लोग पश्चिम बंगाल के रास्ते प्रवेश करके मदरसों में रहते थे और फिर अपना अगला पड़ाव इन सभी की मिलीभगत के बाद योजनाबद्ध तरीके से करते थे। इनका प्रयोग बड़े पैमाने पर मजदूरों के तौर पर किया जाता था। शुभेंदु अधिकारी की सरकार के इस कदम से म सिर्फ यह नेटवर्क ध्वस्त होगा बल्कि पूर्व के इस तरह के ग़ैरकानूनी प्रवेश की भी जांच की जाएगी।
फिरहाद हकीम का बयान क्या कहता है
तृणमूल कांग्रेस के मुस्लिम चेहरे और कोलकाता के पूर्व मेयर फिरहाद (बॉबी) हकीम ने साल 2016 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान पाकिस्तानी अखबार ‘द डॉन’ की पत्रकार मलीहा हामिद सिद्दीकी को इंटरव्यू दिया था। इसमें उन्होंने कोलकाता के गार्डन रीच और किदरपुर इलाके को “मिनी पाकिस्तान” कहा था। फिरहाद हकीम ने यह बात हल्के अंदाज में नहीं, बल्कि पूरी गंभीरता से कही थी।
जांच में एनआईए भी शामिल हो सकती है
शुभेंदु अधिकारी का यह मॉडल उत्तर प्रदेश से मिलता जुलता है। पश्चिम बंगाल में यह कार्रवाई थोड़ा और आगे जाएगी क्योंकि इसमें अवैध बांग्लादेशियों का मामला होने के कारण एनआईए की संलिप्तता भी हो जाएगी। योगी आदित्यनाथ के कड़े तेवर के कारण नेपाल से लगी सीमा पर मदरसों और मस्जिदें का बड़े पैमाने पर निर्माण पूरी तरह से रुक गया है। इसके अलावा जितने भी अवैध कार्य मदरसों की आड़ में नेपाल सीमा पर हो रहे थे, उन सभी को योगी सरकार ने ध्वस्त करा दिए।
















