अल्मोड़ा: करबला स्थित 450 नाली सरकारी भूमि पर अवैध मस्जिद और कब्जे को हटाकर ISBT के निर्माण की मांग को लेकर हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों का शांतिपूर्ण आंदोलन प्रशासन के दमनकारी रवैये का शिकार हुआ।
हिंदुत्वनिष्ठ संगठन कब हिमांशु जोशी एवं धर्माचार्य प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी विवेकानंद सरस्वती जी के नेतृत्व में, सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए आगे बढ़ रहे संगठन के शीर्ष नेतृत्व को प्रशासन ने ‘क्वारब पुल’ पर ही बलपूर्वक रोक दिया और हिरासत में ले लिया।
क्या है पूरा मामला?
RTI के माध्यम से प्राप्त दस्तावेजों में स्पष्ट है कि करबला की 450 नाली भूमि पर केवल ‘नमाज चबूतरा’ और ‘कब्रिस्तान’ दर्ज है। पक्की मस्जिद का कोई वैध प्रमाण नहीं है।
प्रशासनिक ढिलाई
हिंदुत्व निष्ट संगठनों द्वारा 2 माह पूर्व ही जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अवैध निर्माण हटाने की मांग की थी। आंदोलन होने की भनक पर जिला प्रशासन ने आनन-फानन में अवैध निर्माण ध्वस्त करने की बात कही। हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों की मांग है कि सार्वजनिक भूमि के उपयोग पर स्पष्टता और पारदर्शिता सुनिश्चित करे। देवभूमि की अस्मिता और जनहित के लिए हम हर स्तर पर संघर्ष के लिए कटिबद्ध हैं।
















