नैनीताल: विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम के स्थापना दिवस पर आयोजित मेले में आज हजारों की संख्या में मालपुए का प्रसाद ग्रहण करने पहुंचे। उल्लेखनीय है कि ये धाम भगवान हनुमान के भक्त बाबा निब करोरी जी द्वारा स्थापित किया गया था। जिनके देश दुनिया में असंख्य भक्त हैं और वे आज के दिन कैंची धाम पहुंचने का प्रयास करते हैं।
आज भोर से ही करीब पांच किमी कतार में श्रद्धालुओं का धाम में प्रवेश होता रहा और वे दर्शन उपरांत दूसरे द्वार से बाहर आते रहे।
अल्मोड़ा हल्द्वानी राष्ट्रीय राज मार्ग का ट्रैफिक पिछले तीन दिनों से डायवर्ट किया हुआ है। वाहनों से जाम की स्थिति पैदा न हो इसके लिए पुलिस प्रशासन ने काठगोदाम भवाली से बसों की शटल सेवा शुरू की हुई थी। कुमायूं आयुक्त, आई जी स्वयं मंदिर परिसर के पास व्यवस्था निगरानी में रहे जबकि डीएम एसएसपी भी व्यवस्था बनाने में जुटे रहे। हालांकि पुलिस प्रशासन की सख्ती से स्थानीय दुकानदारों और आवास में रहने वाले लोगों को परेशानी भी महसूस हुई।
कैंची धाम की स्थापना और अनुयायी
नीब करौरी महाराज ने 1962 में कैंची गांव के पूर्णानंद से मुलाकात कर सोमबारी महाराज की यज्ञशाला ढूंढी। वहां साफ-सफाई के बाद चबूतरा बनाया और उसी पर हनुमान मंदिर की स्थापना की। 15 जून 1964 को मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा हुई। बाबा ने 11 वर्ष की आयु में ज्ञान प्राप्त कर लिया था और 17 वर्ष की आयु में आध्यात्म की शरण में चले गए। उनके द्वारा कई अनुयायियों को सकारात्मक राह दिखाई जिससे उनके जीवन में बदलाव हुए। आज भी कैंची धाम को एक ऊर्जा स्थल के रूप में जाना जाता है और श्रद्धालु यहां बाबा की मूर्ति के दर्शन कर एक सकारात्मक ऊर्जा लेकर वापस लौटते हैं।
नाम “कैंची धाम” कैसे
ये जगह दो पहाड़ियों के बीच है जो एक-दूसरे को काटकर, कैंची का आकार बनाती हैं, इसलिए नाम कैंची धाम पड़ा।
बाबा नीम करौरी कौन थे?
- असली नाम: लक्ष्मी नारायण शर्मा
- जन्म: 1900 के आसपास, फिरोजाबाद जिले के अकबरपुर गांव, (यूपी)में हुआ था जबकि उनकी मृत्यु 11 सितंबर 1973 को हुई थी।
- स्टीव जॉब्स- Apple के फाउंडर. 1970 में आए थे। Apple का लोगो बाबा के दिए सेब से प्रेरित बताया जाता है।
- मार्क जुकरबर्ग- Facebook/Meta के फाउंडर
- जूलिया रॉबर्ट्स – हॉलीवुड एक्ट्रेस, हिंदू धर्म अपनाया।
- बाबा निब करोरी के अमेरिका में भी मंदिर आश्रम है।

















