भुवनेश्वर: ओडिशा में हाल के वर्षों की सबसे बड़ी गौवंश तस्करी विरोधी कार्रवाइयों में से एक के तहत पुलिस ने शनिवार को भद्रक, बालेश्वर और मयूरभंज जिलों में समन्वित छापेमारी अभियान चलाया। इस अभियान में कथित संगठित गौवंश तस्करी गिरोहों से जुड़े लोगों को निशाना बनाया गया। पूर्वी रेंज पुलिस की निगरानी में चलाए गए इस व्यापक अभियान के तहत तीनों जिलों में एक साथ 19 स्थानों पर तलाशी ली गई। शुक्रवार देर रात शुरू हुई यह कार्रवाई शनिवार तड़के तक जारी रही। पुलिस को प्राप्त खुफिया सूचनाओं के आधार पर उन व्यक्तियों को निशाने पर लिया गया, जिन पर अवैध गौवंश परिवहन और तस्करी में संलिप्त होने का संदेह है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान की योजना इस प्रकार बनाई गई थी कि संदिग्धों को फरार होने या सबूत नष्ट करने का अवसर न मिले। कार्रवाई के दौरान कई पुलिस टीमें, मजिस्ट्रेट, राजस्व अधिकारी और सशस्त्र पुलिस बल तैनात किए गए थे।
तीन जिलों में समन्वित कार्रवाई
पूर्वी रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) पिनाक मिश्रा ने बताया कि यह छापेमारी भद्रक, बालेश्वर और मयूरभंज जिलों के पुलिस अधीक्षकों के प्रत्यक्ष नेतृत्व में की गई। उन्होंने कहा कि पूर्वी रेंज के अंतर्गत तीनों जिलों में कुल 19 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई। यह कार्रवाई गौवंश तस्करी से संबंधित विशेष खुफिया सूचनाओं के आधार पर की गई। पुलिस के अनुसार, अभियान का लक्ष्य उन लोगों को चिन्हित करना था जो लंबे समय से अवैध गौवंश परिवहन नेटवर्क से जुड़े होने के संदेह में थे। जांच दलों ने संदिग्धों तथा उनके सहयोगियों के आवासों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य संपत्तियों की तलाशी ली।
इस समन्वित कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, सोने-चांदी के आभूषण, वाहन, बैंक दस्तावेज और संपत्ति से जुड़े अभिलेख बरामद किए गए, जिनका संबंध कथित अवैध गतिविधियों से होने की आशंका है।
छापेमारी में बड़ी बरामदगी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान गौवंश तस्करी में इस्तेमाल होने के संदेह में कुल 20 चारपहिया वाहन जब्त किए गए। इसके अलावा एक किलोग्राम से अधिक वजन के चांदी के आभूषण, 58 हजार रुपये से अधिक नकद राशि, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और संपत्ति से संबंधित विभिन्न दस्तावेज भी बरामद किए गए।

डीआईजी मिश्रा ने बताया कि जब्त सामग्री में 19 बैंक पासबुक और एटीएम कार्ड भी शामिल हैं। विभिन्न स्थानों से कार, पिकअप वैन और मोटरसाइकिल सहित कई वाहन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जब्त दस्तावेजों और वित्तीय अभिलेखों की जांच की जा रही है ताकि कथित नेटवर्क के संचालन के दायरे और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन का पता लगाया जा सके। छापेमारी के दौरान पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि कुछ संदिग्ध फरार होने में सफल रहे। पुलिस उनकी तलाश में लगातार अभियान चला रही है और उन्हें जल्द गिरफ्तार किए जाने की संभावना है।
मयूरभंज में व्यापक तलाशी अभियान
इस अभियान का एक प्रमुख हिस्सा मयूरभंज जिले में संचालित किया गया, जहां पुलिस टीमों ने बैसिंगा, रायरंगपुर ग्रामीण और झारपोखरिया थाना क्षेत्रों में एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई एसडीपीओ बेतनटी मिनती बिस्वाल सहित वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में की गई। अभियान में बैसिंगा, बारीपदा, मोरडा और बेतनटी थानों के अधिकारियों ने भाग लिया। कार्रवाई को सफल बनाने के लिए लगभग दो प्लाटून पुलिस बल तैनात किया गया था।
बैसिंगा थाना क्षेत्र के गोविंदराजपुर और तलपाड़ा गांवों में उन व्यक्तियों की संपत्तियों पर तलाशी अभियान चलाया गया, जिन पर लंबे समय से अवैध गौवंश तस्करी गतिविधियों में शामिल होने का संदेह है। जिन लोगों के परिसरों की तलाशी ली गई, उनमें गोविंदराजपुर के आसिकुर रहमान उर्फ फकीर तथा तलपाड़ा के मलिक उस्तार के अलावा उनके परिजन और सहयोगी शामिल थे। तलाशी के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में नकदी, सोने और चांदी के आभूषण, बैंक पासबुक, भूमि अभिलेख तथा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए। अभियान का विस्तार रायरंगपुर ग्रामीण थाना क्षेत्र के केंदरेई गांव तक भी किया गया।
यहां पुलिस ने एसके टकरा और एसके तबरेज के घरों पर छापेमारी कर तीन कारों के साथ सोने के आभूषण और अन्य कीमती सामान जब्त किया। जब्त संपत्तियों की जांच और दस्तावेजीकरण की निगरानी के लिए कार्यपालक मजिस्ट्रेट सुधाकर सेठी, तहसीलदार भवानी प्रसाद साहू तथा दो अतिरिक्त तहसीलदार भी मौके पर मौजूद थे। रायरंगपुर एसडीपीओ बीरेंद्र सेनापति ने बताया कि यह अभियान पूर्वी रेंज के डीआईजी तथा मयूरभंज पुलिस अधीक्षक वरुण गुंटुपल्ली के निर्देश पर चलाया गया। उन्होंने कहा, “अब तक लगभग 422 ग्राम चांदी, करीब 26 ग्राम सोना, नकदी और कई वाहन जब्त किए जा चुके हैं। कुछ आरोपी फरार हैं और मामले की आगे जांच जारी है।” पुलिस ने झारपोखरिया क्षेत्र में उत्तम कुमार दंडपाट तथा शिरसा क्षेत्र में अर्जुन पटनायक के आवासों पर भी तलाशी अभियान चलाया। इसके अलावा बेटनोटी, सरसकना और रायरंगपुर क्षेत्रों में भी जिला-व्यापी अभियान के तहत अतिरिक्त छापेमारी की गई।
भद्रक में कार्रवाई, दो गिरफ्तार
भद्रक जिले में पुलिस ने भद्रक टाउन और पुरुणा बाजार थाना क्षेत्रों के अंतर्गत छह स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह अभियान गौवंश तस्करी गतिविधियों में संलिप्त होने के संदेह वाले व्यक्तियों को केंद्र में रखकर चलाया गया और इसकी निगरानी वरिष्ठ जिला पुलिस अधिकारियों ने की। कार्रवाई के दौरान दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनकी पहचान पुरुणा बाजार निवासी 19 वर्षीय जाहिद खान तथा बुढाबाजार क्षेत्र के मुनु खान (कुछ पुलिस अभिलेखों में मातार खान के नाम से भी उल्लेखित) के रूप में की है। उनके परिसरों की तलाशी के दौरान पुलिस ने नकदी, सोने के आभूषण, बैंक पासबुक और अन्य वित्तीय दस्तावेज बरामद किए, जिन्हें जांच के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भद्रक के पुलिस अधीक्षक मनोज राउत ने कहा कि पुलिस गौवंश तस्करी नेटवर्क पर लगातार कड़ी निगरानी बनाए हुए है और उनके संचालन तंत्र, संपर्क माध्यमों तथा परिवहन मार्गों की जांच कर रही है।
राउत ने कहा कि हम इन गिरोहों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहे हैं। जांच का फोकस इनके नेटवर्क, बैठक स्थलों और परिवहन मार्गों की पहचान पर है। पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि जिला पुलिस नशीले पदार्थों, विशेषकर ब्राउन शुगर तस्करी के खिलाफ भी अभियान तेज कर रही है। भद्रक टाउन, भद्रक ग्रामीण और पुरुणा बाजार थाना क्षेत्रों में इस संबंध में विशेष निगरानी रखी जा रही है।
उन्होंने कहा कि संगठित अपराध के खिलाफ व्यापक अभियान के तहत आने वाले दिनों में मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध विशेष प्रवर्तन अभियान शुरू किए जाएंगे।
बालेश्वर में व्यापक रात्रिकालीन अभियान
इसी क्रम में पुलिस ने बालेश्वर जिले में भी बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान चलाया। जलेश्वर, भोगराई, बस्ता, बालियापाल, कमरदा और रेमुणा थाना क्षेत्रों के अंतर्गत कुल 10 स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की गई।इस अभियान में सात पुलिस टीमों और पांच प्लाटून सशस्त्र बलों को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया था।
पुलिस ने अवैध गौवंश परिवहन गतिविधियों में संलिप्त होने के संदेह वाले व्यक्तियों के आवासों और प्रतिष्ठानों की तलाशी ली। अभियान के दौरान नकदी, सोने और चांदी के आभूषण, मोटरसाइकिलें, अन्य वाहन तथा तलवारों सहित कई धारदार हथियार जब्त किए गए।अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई के दौरान दो व्यक्तियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा बालेश्वर शहर और आसपास के इलाकों में भी छापेमारी की गई। पुलिस ने कहा कि विभिन्न जिलों में सक्रिय व्यक्तियों और नेटवर्क के बीच संभावित संबंधों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
संगठित तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई जारी
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इस अभियान को उत्तर ओडिशा में सक्रिय संगठित गौवंश तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। पूर्वी रेंज के डीआईजी पिनाक मिश्रा ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से लगातार चलाए जा रहे प्रवर्तन अभियानों के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। उनके अनुसार, पुलिस की निरंतर कार्रवाई के कारण क्षेत्र में अवैध गौवंश परिवहन गतिविधियों में कमी आई है।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि तस्कर कानून प्रवर्तन एजेंसियों की निगरानी से बचने के लिए नए तरीकों और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी कारण पुलिस ने खुफिया तंत्र और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि पड़ोसी पश्चिम बंगाल में राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव और सीमापार मांग में कमी आने के बाद हाल के वर्षों में गौवंश तस्करी की गतिविधियों में गिरावट दर्ज की गई है। इसके बावजूद पुलिस पूरी सतर्कता बरत रही है और ऐसे नेटवर्कों को दोबारा सक्रिय होने से रोकने के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। जब्त किए गए वित्तीय रिकॉर्ड, संपत्ति संबंधी दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों की जांच कर अतिरिक्त संदिग्धों तथा बड़े संगठित आपराधिक नेटवर्क से संभावित संबंधों का पता लगाया जा रहा है। अधिकारियों ने दोहराया कि गौवंश तस्करी और उससे संबंधित अवैध गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले सभी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार, यह अभियान संगठित अपराध पर लगाम लगाने और राज्य में सक्रिय अंतरराज्यीय तस्करी गिरोहों के खिलाफ कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति ओडिशा पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

















