भारत और बांग्लादेश ने सीमा पर अवैध घुसपैठ रोकने के लिए साथ मिलकर काम करने का निर्णय लिया है। दोनों देश जानकारी साझा करेंगे और सीमा की निगरानी को और मजबूत बनाएंगे। सीमा पार आने-जाने वाले लोगों को लेकर उठे विवाद के बीच अब दोनों देशों ने बातचीत के जरिए समाधान निकालने की दिशा में अहम कदम बढ़ाया है। नई दिल्ली में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद भारत और बांग्लादेश ने सीमा सुरक्षा को मजबूत करने और आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। यह फैसला दोनों देशों के रिश्तों और सीमा क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
घुसपैठ रोकने को भारत-बांग्लादेश बढ़ाएंगे तालमेल
नई दिल्ली में भारत के सीमा सुरक्षा बल (BSF) और बांग्लादेश के बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच चार दिनों तक बैठक हुई। इस दौरान सीमा सुरक्षा, अवैध घुसपैठ और तस्करी जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में दोनों देशों ने कहा कि सीमा पर अवैध और जबरन होने वाली आवाजाही को रोकने के लिए समन्वित गश्त बढ़ाई जाएगी। साथ ही दोनों देश रीयल-टाइम खुफिया जानकारी भी साझा करेंगे।
भारत और बांग्लादेश के बीच लगभग 4,000 किलोमीटर लंबी सीमा है। इतनी बड़ी सीमा होने के कारण अवैध घुसपैठ, मानव तस्करी और अन्य अपराधों की चुनौतियां भी बनी रहती हैं। भारत का कहना है कि बिना दस्तावेजों के रह रहे लोगों की पहचान कर उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत वापस भेजना जरूरी है। वहीं, बांग्लादेश का आरोप है कि कुछ लोगों को उचित प्रक्रिया अपनाए बिना सीमा पार भेजने की कोशिश की जा रही है। बैठक में दोनों देशों ने केवल अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर ही नहीं, बल्कि मानव तस्करी, सीमा पर होने वाली मौतों, तस्करी की घटनाओं और सीमा प्रबंधन को बेहतर बनाने जैसे विषयों पर भी चर्चा की। दोनों पक्षों ने सीमा क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और सौहार्द बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

















