क्या भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्तों में जमी बर्फ पिघलेगी? ये वो सवाल है, जो कि हर किसी के मन-मस्तिष्क में उठता होगा। ये सवाल इसलिए भी कि शेख हसीना के जाने और मुहम्मद यूनुस के कार्यकाल में दोनों देशों के बीच रिश्तों में खटास आई थी। लेकिन, अब इस बर्फ के पिघलने के आसार दिखने लगे हैं। ऐसा इसलिए कि तारिक रहमान की अगुवाई वाली बांग्लादेश सरकार के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान अगले माह भारत के दौरे पर आ सकते हैं।
विदेश मंत्री की भारत यात्रा की संभावना
बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. खलीलुर रहमान अप्रैल में भारत की एक छोटी यात्रा पर आ सकते हैं। यह यात्रा तारिक रहमान सरकार बनने के बाद उनकी पहली बड़ी विदेश यात्रा होगी। लाइव हिन्दुस्तान सूत्रों के हवाले से लिखता है कि खलीलुर रहमान 8 अप्रैल को मॉरीशस में होने वाले हिंद महासागर सम्मेलन के लिए जा रहे हैं। रास्ते में वे नई दिल्ली में रुक सकते हैं। यह दौरा दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय से चले आ रहे तनाव को कम करने की कोशिशों का हिस्सा लगता है।
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यूनुस सरकार में एनएसए थे खलीलुर रहमान
खलीलुर रहमान यूनुस सरकार में भी थे। वहां उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) की जिम्मेदारी संभाली थी। तारिक रहमान के नए मंत्रिमंडल में उनका विदेश मंत्री बनना कई लोगों के लिए हैरानी वाली बात थी। लेकिन इससे लगता है कि नई सरकार पुरानी टीम के कुछ लोगों को बनाए रखना चाहती है। इससे पहले भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने ढाका में खलीलुर रहमान से मुलाकात की थी। उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर की तरफ से जल्द भारत आने का न्योता दिया था। दोनों तरफ से रिश्ते सुधारने की कोशिशें चल रही हैं।
तारिक रहमान की विदेश नीति पर नजर
प्रधानमंत्री तारिक रहमान की पहली आधिकारिक विदेश यात्रा के बारे में अभी कोई ऐलान नहीं हुआ है। सूत्र बताते हैं कि वे पहले दौर में भारत या चीन जाने की जल्दी नहीं दिखा रहे। बीएनपी सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि उनकी विदेश नीति किसी एक बड़े देश या क्षेत्रीय ताकत के इशारे पर नहीं चलेगी। बल्कि वे संतुलित रुख रखना चाहते हैं। हो सकता है कि तारिक रहमान की पहली यात्रा भूटान या मालदीव जैसे छोटे पड़ोसी देशों की हो। कहा जा रहा है कि तारिक रहमान क्षेत्र के अन्य नेताओं के साथ मजबूत रिश्ते बनाना चाहते हैं।

















