
भुवनेश्वर: ओडिशा में माओवाद विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता मिली है। मलकानगिरि जिले के मथिली थाना क्षेत्र अंतर्गत केरिमिटिया और कटुआपदार के घने जंगलों में चलाए गए संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक सामग्री और माओवादी गतिविधियों से जुड़े सामान बरामद किए हैं। यह क्षेत्र छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले की सीमा से सटा हुआ है और लंबे समय तक माओवादी गतिविधियों से प्रभावित रहा है।
खुफिया सूचना के आधार पर चलाया गया अभियान
अधिकारियों के अनुसार यह अभियान हाल ही में आत्मसमर्पण कर चुके माओवादी कैडरों से पूछताछ के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी प्राप्त हुई थी। इसी सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने उन वन क्षेत्रों में विशेष तलाशी अभियान शुरू किया, जहां माओवादियों द्वारा हथियारों और रसद सामग्री को छिपाकर रखने की आशंका थी।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संभावित ठिकानों को चिन्हित किया और संयुक्त अभियान की योजना बनाई। अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने जंगल के कई दुर्गम क्षेत्रों मंि व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया।
बीएसएफ और डीवीएफ की संयुक्त कार्रवाई
यह अभियान सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और जिला स्वैच्छिक बल (डीवीएफ) द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया गया। पिछले कुछ वर्षों से मलकानगिरि और आसपास के क्षेत्रों में माओवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे हैं। तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों ने जंगल के भीतर कई ऐसे स्थानों का पता लगाया, जहां माओवादियों ने हथियारों और विस्फोटकों को गुप्त रूप से छिपाकर रखा था। इन छिपे हुए ठिकानों को व्यवस्थित तरीके से तैयार किया गया था ताकि आवश्यकता पड़ने पर माओवादी कैडर इनका उपयोग कर सकें।
भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद
सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि बरामद सामग्री में हथियार, गोला-बारूद, इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी), टिफिन बम, ग्रेनेड, डेटोनेटर, विभिन्न प्रकार की राइफलें, एके-47 की मैगजीन, लाइट मशीन गन (एलएमजी) के कारतूस तथा अन्य विस्फोटक सामग्री शामिल हैं। अभियान के दौरान कुल 32 श्रेणियों की माओवादी सामग्री जब्त की गई। इसके अलावा माओवादी प्रचार साहित्य, संगठनात्मक दस्तावेज और दैनिक उपयोग की कई वस्तुएं भी बरामद हुई हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह सामग्री भविष्य में बड़े हमलों और विध्वंसक गतिविधियों के लिए एकत्र की गई थी।
एसपी ने बताया बड़ी उपलब्धि
मलकानगिरि के पुलिस अधीक्षक विनोद पाटिल ने जिला पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान इस अभियान को माओवाद के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में हथियारों और विस्फोटकों की बरामदगी से सुरक्षा बलों ने संभावित खतरे को समय रहते निष्क्रिय कर दिया है। इससे न केवल सुरक्षा बलों बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हुई है। पाटिल ने कहा कि यह सुरक्षा बलों की एक बड़ी जीत है। भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक जब्त किए जाने से संभावित नक्सली हमलों और विध्वंसक गतिविधियों को रोका जा सका है। यह कार्रवाई उस क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगी, जिसे हाल ही में माओवादी-मुक्त घोषित किया गया है।
एओबीएसजेडसी से जुड़ा हो सकता है हथियारों का जखीरा
प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि बरामद हथियार और विस्फोटक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की आंध्र-ओडिशा सीमा विशेष क्षेत्रीय समिति (एओबीएसजेडसी) के कैडरों से संबंधित हो सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार यह गुप्त भंडार अभियान के दौरान सुबह करीब 5:30 बजे बरामद किया गया। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन हथियारों और विस्फोटकों का उपयोग ओडिशा, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश की त्रि-सीमा क्षेत्र में सुरक्षा बलों तथा आम नागरिकों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता था।
रणनीतिक ठिकाने के रूप में उपयोग हो रहा था जंगल क्षेत्र
प्रारंभिक जांच से यह भी संकेत मिले हैं कि संबंधित वन क्षेत्र का उपयोग माओवादी लंबे समय से रणनीतिक ठिकाने के रूप में कर रहे थे। घने जंगलों में विभिन्न स्थानों पर हथियारों को छिपाकर रखने से यह स्पष्ट होता है कि संगठन सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव के बावजूद अपनी गतिविधियों को जारी रखने की कोशिश कर रहा था।
तलाशी अभियान जारी
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सीमा से लगे वन क्षेत्रों में तलाशी और कॉम्बिंग अभियान अभी भी जारी है। सुरक्षा बल शेष माओवादी कैडरों का पता लगाने तथा ऐसे अन्य गुप्त हथियार भंडारों की खोज के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं। गौरतलब है कि ओडिशा, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश की सीमा पर स्थित मलकानगिरि जिला लंबे समय तक माओवादी हिंसा का केंद्र रहा है। हालांकि हाल के वर्षों में सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई, कई महत्वपूर्ण गिरफ्तारियों और बड़ी संख्या में माओवादियों के आत्मसमर्पण के कारण इस क्षेत्र में माओवादी नेटवर्क काफी कमजोर हुआ है। विशेष रूप से एओबीएसजेडसी क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों को लगातार सफलता मिल रही है, जिससे क्षेत्र में शांति और विकास की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।