प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। वे अब भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बन गए हैं। उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। यह उपलब्धि भारत के साथ-साथ दुनिया भर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
‘डोयन ऑफ इंडियन प्राइम मिनिस्टर्स’
इस खास मौके पर रूस समेत कई देशों के नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी है और उनके नेतृत्व की सराहना की है। रूस की ओर से इस अवसर पर एक खास शब्द का इस्तेमाल किया गया, जिसने सबका ध्यान खींचा। रूस के क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने प्रधानमंत्री मोदी को “डोयन” (Doyen) कहा। यह शब्द उस व्यक्ति के लिए इस्तेमाल किया जाता है जो किसी क्षेत्र में सबसे अनुभवी, वरिष्ठ और लंबे समय तक काम करने वाला हो। पेस्कोव ने कहा कि “डोयन” का मतलब होता है ऐसा व्यक्ति जो अपने क्षेत्र में सबसे ज्यादा अनुभव और नेतृत्व क्षमता रखता है। इसी वजह से उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को “डोयन ऑफ इंडियन प्राइम मिनिस्टर्स” कहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद वे 2019 में दूसरी बार और 2024 में तीसरी बार लगातार इस पद पर बने रहे। इस तरह उन्होंने 4,399 दिनों तक प्रधानमंत्री के रूप में सेवा दी और नेहरू जी के 4,398 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। रूस के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का जीवन संघर्षों से भरा रहा है।वे एक साधारण परिवार से आते हैं और अपनी मेहनत, लगन और नेतृत्व से दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता बने। इतने बड़े देश का नेतृत्व करना आसान नहीं है, लेकिन उन्होंने इसे अच्छे से संभाला है। रूस ने भी भारत की तरक्की की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि भारत आज तेजी से बढ़ती हुई आर्थिक शक्ति बन चुका है। देश टेक्नोलॉजी, डिजिटल विकास और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है और दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। भारत और रूस के संबंधों पर भी इस बयान में जोर दिया गया। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है और व्यापार, रक्षा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ रहा है। यह रिश्ता न सिर्फ दोनों देशों के लिए बल्कि वैश्विक संतुलन के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

















