अफ्रीका में एक बार फिर से खतरनाक इबोला वायरस ने एक बार फिर से कोहराम मचा दिया है। इसी क्रम में डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में इबोला का मौजूदा प्रकोप अब देश के इतिहास में सबसे ज्यादा मौतें वाला बन गया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक कम से कम 2,325 लोग इस बीमारी से मर चुके हैं। ये आंकड़ा 2018-20 वाले पिछले बड़े प्रकोप से ज्यादा है।
कितने मामले और कहां फैला है
कांगो के पब्लिक हेल्थ इंस्टीट्यूट ने रविवार को बताया कि पुष्टि हुए मामलों की संख्या 4,945 पहुंच गई है। इनमें पिछले 24 घंटे में 101 नए मामले भी शामिल हैं। देश के 26 प्रांतों में से छह में यह बीमारी फैल चुकी है। ज्यादातर मामले उत्तर-पूर्वी सीमा वाले इलाकों में हैं। इटूरी प्रांत में सबसे ज्यादा यानी 3,400 से ऊपर मामले दर्ज हुए हैं। यहीं से प्रकोप शुरू हुआ था।
यूएन ने शुक्रवार को चेतावनी दी थी कि डीआरसी में इबोला फिलहाल हावी है और हर 30 मिनट में एक व्यक्ति की मौत हो रही है। यह प्रकोप वायरस के ज्ञात इतिहास में सबसे तेजी से बढ़ने वाला भी बताया जा रहा है।
किस स्ट्रेन का है इबोला
इस बार बंडीबुग्यो नाम के दुर्लभ स्ट्रेन से मामले बढ़ रहे हैं। इसके लिए अभी कोई मंजूर वैक्सीन या इलाज उपलब्ध नहीं है। मेडिसिन्स सांस फ्रंटियर्स के साथ हाल में डीआरसी में काम कर रहे पब्लिक हेल्थ स्पेशलिस्ट थॉमस पैरिश ने कहा कि आमतौर पर जैसे-जैसे प्रकोप आगे बढ़ता है, संपर्क ट्रेसिंग बेहतर होने और मरीजों को जल्दी पकड़ने से मौत का अनुपात कम होना चाहिए। लेकिन यहां अब भी कई मामले बहुत देर से पता चल रहे हैं। कई लोगों की पहचान समुदाय में उनकी मौत के बाद ही होती है, जब इलाज कामयाब होने की संभावना कम रह जाती है।
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पड़ोस और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर
युगांडा में भी कम से कम 20 मामले सामने आए हैं। ये सभी राजधानी कंपाला में हैं। मई में डब्ल्यूएचओ ने डीआरसी और युगांडा में इस प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय चिंता वाली पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया था। तुलना के लिए, पश्चिम अफ्रीका के 2014-16 वाले बड़े प्रकोप में गिनी, लाइबेरिया और सिएरा लियोन में कुल 28,616 मामले और 11,310 मौतें हुई थीं।
बीमारी कैसे फैलती है और लक्षण
इबोला जंगली जानवरों से इंसानों में पहुंचता है। उसके बाद संक्रमित व्यक्ति के खून, शरीर के तरल पदार्थों, अंगों या दूषित सतहों जैसे बिस्तर-कपड़ों के सीधे संपर्क से फैलता है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार लक्षणों में बुखार, थकान, बेचैनी, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और गले में खराश शामिल हो सकते हैं। बाद में उल्टी, दस्त, पेट दर्द, रैश और किडनी-लिवर के काम बिगड़ने के लक्षण भी दिखते हैं।











