भुवनेश्वर । ओडिशा सरकार के ‘नशामुक्त ओडिशा अभियान’ के तहत राउरकेला प्रशासन ने ड्रग्स तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए मीनापाड़ा बस्ती में बुलडोजर अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान ब्राउन शुगर तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों से कथित रूप से जुड़े छह परिवारों के लगभग 30 कमरों और अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई को शहर में नशा कारोबार के खिलाफ निर्णायक कदम माना जा रहा है।
राउरकेला शहर के प्लांट साइट थाना क्षेत्र के महताब रोड और रिंग रोड के बीच स्थित मीनापाड़ा लंबे समय से ड्रग्स कारोबार के केंद्र के रूप में चर्चित रहा है। पुलिस के अनुसार यहां सक्रिय गिरोहों के खिलाफ पूर्व में कई बार छापेमारी की गई थी, लेकिन इस बार प्रशासन ने अवैध कब्जों और आपराधिक गतिविधियों के नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त करने के उद्देश्य से व्यापक अभियान चलाया।
छह परिवारों के खिलाफ कार्रवाई
जिन लोगों के मकानों को ध्वस्त किया गया, उनमें रोसान खातून उर्फ शांति (55), फरीदा खातून उर्फ करीवाली (50), उसका पुत्र मोहम्मद इमरान आलम (28), नुरेशा खातून (55), उसका पुत्र मोहम्मद आलम (24), रहीमा खातून (58), मनीषा खातून (25) तथा नुरेशा खातून उर्फ मधु (59) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार इन सभी के खिलाफ मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामले दर्ज हैं। कुछ दिन पूर्व विशेष अभियान के दौरान इन्हें गिरफ्तार भी किया गया था।
भारी सुरक्षा के बीच चला अभियान
संभावित तनाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। कार्रवाई के दौरान पांच प्लाटून सुरक्षा बल तैनात किए गए, जिनमें तीन प्लाटून जिला पुलिस, एक प्लाटून जिला स्वयंसेवी बल (डीवीएफ) तथा एक प्लाटून ओडिशा राज्य सशस्त्र पुलिस (ओएसएपी) शामिल थी।
राउरकेला के पुलिस अधीक्षक नितेश वाधवानी स्वयं मौके पर मौजूद रहे और पूरे अभियान की निगरानी की। उनके साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राज किशोर मिश्र, डीएसपी जे.एन. सेठी, डीएसपी आर. मुर्मु, प्लांट साइट थाना प्रभारी विभत्स प्रधान, टांगरपाली थाना प्रभारी निरंजन प्रधान सहित अनेक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद थे। प्रशासन की ओर से अतिरिक्त मजिस्ट्रेट सेवक प्रधान ने भी अभियान का नेतृत्व किया।

220 ग्राम हेरोइन बरामद होने के बाद तेज हुई कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि 23 मई को राउरकेला पुलिस ने मीनापाड़ा में विशेष छापेमारी अभियान चलाकर लगभग 220 ग्राम हेरोइन (ब्राउन शुगर) बरामद की थी। पुलिस के अनुसार जब्त मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई थी। इस दौरान 2.70 लाख रुपये नकद और तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए गए थे। छापेमारी के दौरान छह महिलाओं सहित कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद इमरान आलम और मोहम्मद आलम के खिलाफ पहले से भी मादक पदार्थ तस्करी के कई मामले दर्ज बताए गए हैं। इसी कार्रवाई के बाद प्रशासन ने अवैध कब्जों और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ बुलडोजर अभियान चलाने का निर्णय लिया।
पांच दशक पुराना अतिक्रमण बना अपराध का अड्डा
जानकारी के अनुसार, राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी) की भूमि पर पिछले पांच दशकों से अतिक्रमण बढ़ता गया। समय के साथ यहां मीनापाड़ा बस्ती विकसित हो गई। स्थानीय लोगों और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पिछले कई वर्षों में यह इलाका ब्राउन शुगर और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी का प्रमुख केंद्र बन गया था। यद्यपि पुलिस समय-समय पर यहां छापेमारी करती रही, लेकिन अपराधियों के नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ने के लिए इस प्रकार की व्यापक कार्रवाई पहली बार की गई है। प्रशासन का मानना है कि अवैध निर्माणों को हटाने से अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
आरएसपी की टीम ने संभाला ध्वस्तीकरण कार्य अभियान के दौरान राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी) के लैंड गार्ड और तकनीकी दल ने बुलडोजर, हथौड़ों और अन्य उपकरणों की सहायता से अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया। सुबह शुरू हुई कार्रवाई दोपहर तक जारी रही। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में रखा गया ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
पुलिस और प्रशासन ने पहले से ही इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी थी। अधिकारियों के अनुसार अभियान पूरी तरह विधिसम्मत प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद चलाया गया।
एसपी नितेश वाधवानी का सख्त संदेश
पुलिस अधीक्षक नितेश वाधवानी ने स्पष्ट कहा कि नशा तस्करी, असामाजिक गतिविधियों और अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि मीनापाड़ा क्षेत्र को लेकर लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। यहां मादक पदार्थों की तस्करी, आपराधिक गतिविधियों और असामाजिक तत्वों की सक्रियता के कारण कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा था। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन किसी भी हालत में ऐसे नेटवर्क को पनपने नहीं देंगे। जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी इसी प्रकार की कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
स्थानीय लोगों ने किया स्वागत
मीनापाड़ा में चलाए गए बुलडोजर अभियान का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया है। कई नागरिकों ने इसे शहर को नशामुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उनका कहना है कि लंबे समय से यह क्षेत्र अपराध और नशे की गतिविधियों के कारण बदनाम हो चुका था, जिससे आसपास के निवासियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस प्रकार की सख्त कार्रवाई से न केवल अपराधियों में भय पैदा होगा बल्कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने में भी मदद मिलेगी।
‘योगी मॉडल’ की चर्चा
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर उत्तर प्रदेश में अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ अपनाए गए बुलडोजर मॉडल की भी चर्चा शुरू हो गई है। कई नागरिकों ने कहा कि ड्रग्स तस्करों और संगठित अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई समाज के हित में है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी कार्रवाई कानून और निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जा रही है।
ड्रग्स कारोबारियों में मचा हड़कंप
दिनदहाड़े भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी। सैकड़ों लोगों ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर अभियान को देखा। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद नशा कारोबार और अन्य अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के बीच हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल एक शुरुआत है। यदि भविष्य में भी कोई व्यक्ति मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध कब्जे या असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
राउरकेला प्रशासन का यह अभियान न केवल नशा तस्करों के खिलाफ सख्त संदेश माना जा रहा है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि ओडिशा में नशा नेटवर्क और उससे जुड़े अपराधियों के खिलाफ सरकार और पुलिस अब अधिक आक्रामक रणनीति अपनाने के मूड में हैं।

















