पटना । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन राव भागवत जी अपने तीन दिवसीय संगठनात्मक प्रवास पर शनिवार दोपहर पटना पहुंचे। पटना हवाई अड्डे पर संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों और प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित अन्य गणमान्य जनों ने उनका आत्मीय स्वागत किया।
मुंगेर में ‘संघ शिक्षा वर्ग’ का आयोजन
पटना पहुंचने के पश्चात सरसंघचालक जी शाम को मुंगेर के लिए रवाना होंगे, जहां वे 7 जून से 9 जून तक आयोजित विभिन्न संगठनात्मक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। उनके इस प्रवास का प्रमुख केंद्र मुंगेर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर, पुरानीगंज परिसर में आयोजित ‘संघ शिक्षा वर्ग’ रहेगा।
संघ के इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण वर्ग में बिहार सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए करीब 700 स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं। संघ शिक्षा वर्ग को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की कार्यपद्धति में व्यक्ति निर्माण और राष्ट्र आराधना का एक अहम प्रकल्प माना जाता है।
स्वयंसेवकों का करेंगे मार्गदर्शन, देंगे- राष्ट्रभक्ति और अनुशासन का मंत्र
संघ शिक्षा वर्ग में स्वयंसेवकों को संगठन की कार्यपद्धति, कठोर अनुशासन, सामाजिक दायित्वों और राष्ट्र जीवन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाता है। अपने प्रवास के दौरान डॉ. भागवत स्वयंसेवकों के साथ सीधा संवाद करेंगे और उनका पाथेय (मार्गदर्शन) करेंगे।
अपने प्रवास के दौरान सरसंघचालक जी स्वयंसेवकों को संघ की विचारधारा, राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका, सामाजिक समरसता (Social Harmony), सेवा कार्यों के विस्तार तथा समाज के प्रत्येक वर्ग तक संगठन की पहुंच बढ़ाने जैसे गंभीर विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे।
शताब्दी वर्ष के संकल्प और आगामी रूपरेखा
चूंकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष (100 वर्ष) में प्रवेश कर रहा है, इसलिए देशभर में विशेष कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। मुंगेर के इस प्रशिक्षण वर्ग में भी शताब्दी वर्ष के संकल्पों पर विशेष जोर दिया जाएगा-
- स्वयंसेवकों की समाज में अधिक सक्रिय और सकारात्मक भूमिका सुनिश्चित करना।
- समाज के विभिन्न क्षेत्रों और उपेक्षित वर्गों के साथ संवाद स्थापित करना।
- संघ के सेवा कार्यों (Sewa Activities) को विस्तार देकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना।
समीक्षा बैठकें
अपने तीन दिवसीय प्रवास के दौरान सरसंघचालक जी संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें भी करेंगे। इन बैठकों में प्रांत की संगठनात्मक गतिविधियों, कार्य विस्तार की योजनाओं और आगामी कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की जाएगी।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष के अवसर पर देशभर में विविध कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी वैचारिक यात्रा, सेवा गतिविधियों और संगठनात्मक कार्यों को समाज के व्यापक वर्गों तक पहुंचाने का निरंतर प्रयास कर रहा है। सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी के इस बिहार दौरे को भी इसी ‘राष्ट्र जागरण अभियान’ का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

















