दुनिया की अर्थव्यवस्था में BRICS देशों का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में कहा कि वैश्विक आर्थिक विकास में BRICS देशों का योगदान अब G7 देशों से कहीं अधिक हो गया है। उनके अनुसार, पिछले पांच वर्षों में दुनिया की जीडीपी वृद्धि का लगभग 49 प्रतिशत हिस्सा BRICS देशों से आया है, जबकि G7 देशों का योगदान केवल 18 प्रतिशत रहा है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था में बढ़ा BRICS का दबदबा
BRICS में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका समेत कई अन्य सदस्य देश शामिल हैं। यह समूह दुनिया की बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं का प्रतिनिधित्व करता है। दूसरी ओर, G7 में अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, इटली, कनाडा और जापान जैसे विकसित देश शामिल हैं। पुतिन ने कहा कि परचेजिंग पावर पैरिटी (PPP) के आधार पर दुनिया की कुल जीडीपी में BRICS की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत है। वहीं G7 देशों की हिस्सेदारी 29 प्रतिशत से भी कम है। उनका दावा है कि BRICS ने वर्ष 2020 में ही G7 को पीछे छोड़ दिया था और दोनों के बीच का अंतर लगातार बढ़ रहा है। भारत और चीन जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की तेज विकास दर ने BRICS को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है। इन देशों में बढ़ती आबादी, बड़ा बाजार और तेजी से बढ़ता उद्योग क्षेत्र आर्थिक विकास को नई गति दे रहा है।
















