सम: शत्रों च मित्रे च तथा मानापमानयो:।
शीतोष्णसुखदु: शेषु सम: संगविवर्जित: ।।
हिन्दी अर्थ-
जो शत्रु और मित्र तथा मान-अपमान में सम है, इसी प्रकार सर्दी, गर्मी और सुख-दुःखादि द्वन्द्रों में सम है और आसक्ति से रहित है, वही स्थिर बुद्धि पुरुष है।

















