लंकामुड़ा (त्रिपुरा)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को त्रिपुरा के लंकामुड़ा स्थित सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की लंकामुड़ा सीमा चौकी (बीओपी) का निरीक्षण किया और सीमा प्रहरियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उन्होंने अगरतला में पाैधरोपण भी किया। उन्होंने कहा कि हमें देश को स्मगलिंग, मानव तस्करी, देश के युवाओं को नशे से सुरक्षित करना होगा। नारकोटिक्स हो, मानव तस्करी, हथियारों की स्मगलिंग या ड्रोन की चुनौती, बीएसएफ त्रिपुरा से बंगाल और बिहार तक, सीमा पर हर चुनौती का सफलतापूर्वक सामना कर रही इस दाैरान त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, केन्द्रीय गृह सचिव, सीमा प्रबंधन और महानिदेशक, सीमा सुरक्षा बल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
अमित शाह ने राष्ट्र्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के द्वितीय सरसंघचालक माधव सदाशिव गोलवलकर (गुरुजी) की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सामाजिक समरसता, अखंडता और आत्मसम्मान के प्रति समर्पित गुरुजी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भले ही नई पीढ़ी को गुरुजी के प्रत्यक्ष दर्शन का अवसर नहीं मिला, लेकिन उनके विचार आज भी राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने कहा कि पाैधारोपण को केवल सरकारी अभियान नहीं बल्कि जन-आंदोलन और जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा। वर्ष 2019 से अब तक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवानों द्वारा 7.5 करोड़ से अधिक वृक्ष लगाए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 40 से 60 लाख वृक्ष लगाए जाएंगे, जबकि अगले वर्ष 2 करोड़ वृक्ष लगाने का लक्ष्य रखा गया है। भारत ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर उदाहरण प्रस्तुत किया है और पेरिस समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को समय से पहले पूरा किया है।
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गृह मंत्री ने बीएसएफ की 37वीं वाहिनी में जवानों के आवास का ई- लोकार्पण और बीएसएफ 97वीं वाहिनी में क्वार्टर गार्ड परिसर का ई-शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों की सुविधा बढ़ाने के लिए कई प्रकार के काम किए हैं। जवानों और उनके परिवार के स्वास्थ्य की चिंता और उनके परिवार के रहने के लिए मकान की चिंता भी की है। सीमा सुरक्षा को लेकर अमित शाह ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि बीएसएफ और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) द्वारा संरक्षित सीमाओं पर जल्द ही “स्मार्ट बॉर्डर” परियोजना लागू की जाएगी। स्थानीय प्रशासन, आधुनिक तकनीक और सुरक्षा बलों के समन्वय से सीमाओं को और अधिक सुरक्षित बनाया जाएगा। इस परियोजना का पायलट चरण देश की विभिन्न सीमाओं पर सात से आठ स्थानों पर शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आधुनिकीकरण के लिए 15 वर्ष से पुरानी लगभग 650 किलोमीटर पुरानी सीमा बाड़ के आधुनिकीकरण का कार्य जारी है, जिसमें 119 किलोमीटर नई बाड़ को मंजूरी दी जा चुकी है। साथ ही सीमा चौकियों पर बिजली, ग्रीन एनर्जी और सुरक्षित पेयजल जैसी सुविधाओं का विस्तार भी किया गया है। अमित शाह ने कहा कि त्रिपुरा फ्रंटियर हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है जो तीन ओर से सीमाओं से घिरा संवेदनशील राज्य देश की सुरक्षा करता है। कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश की सीमाओं को पूरी तरह सुरक्षित बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि तस्करी, मानव तस्करी और नशे जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्र सरकार एक मजबूत और स्मार्ट सुरक्षा ग्रिड विकसित कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री ने विश्वास जताया कि स्मार्ट फेंसिंग और चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड की अवधारणा भविष्य में देश की सीमा सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं अभेद्य बनाएगी।

















