शास्तेति केचित् कतिचित् कुमार- स्वामीति मातेति पितेति भक्त्या।
यं प्रार्थयन्ते जगदीशितारं स एक एव प्रभुरद्वितीयः ।।
हिन्दी अर्थ
कुछ लोग शास्ता तो कुछ कुमार नाम से उसे व्यवहृत करते हैं, कुछ अन्य भक्ति से माता तथा पिता के रुप में उसकी स्तुति करते हैं, वस्तुतः वह परमात्मा संसार का संचालक एक ही है। वह एक है, नाम उसके अनेक हैं।

















