हरिद्वार / रुड़की। उत्तराखंड में तमाम प्रशासनिक सख्ती और चेतावनियों को दरकिनार करते हुए रुड़की के पिरान कलियर कोतवाली क्षेत्र स्थित नागल पलुनी गांव में बकरा ईद के त्यौहार पर एक घर में गाय की हत्या (गोकशी) किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घर पर छापा मारा और मौके से गोहत्या में शामिल एक महिला को गिरफ्तार कर लिया है।
7 आरोपी हुए फरार, तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस की छापेमारी के दौरान मुख्य आरोपी मौके से भागने में सफल रहे। पुलिस के अनुसार, गाय की हत्या कर रहे कुल सात आरोपी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए हैं, जिनकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
फरार आरोपियों की पहचान:
- शमीम (पुत्र सत्तार)
- तालिब (पुत्र जमील)
- शमशु (पुत्र शौकत)
- कुर्बान (पुत्र शौकत)
- इकबाल (पुत्र यासीन)
- मेहरबान (पुत्र बहरा)
- अफरोज (पुत्र शराफत)
(सभी आरोपी नागल पलुनी गांव के ही निवासी हैं।)
रुड़की क्षेत्र में नहीं थम रहे गोकशी के मामले
बता दें कि रुड़की और इसके आसपास के क्षेत्रों में लगातार गोकशी के मामले सामने आ रहे हैं। प्रशासन और उत्तराखंड पुलिस की तमाम सख्ती और प्रतिबंधों के बाद भी ऐसी घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। बकरा ईद के त्यौहार को देखते हुए पुलिस ने पहले ही सख्त हिदायत दी थी, इसके बावजूद इन आरोपियों ने नागल पलुनी गांव के एक घर में गाय की कुर्बानी की वारदात को अंजाम दिया।
SSP का बयान: “150 किलो मांस और उपकरण बरामद”
इस पूरे घटनाक्रम पर जानकारी देते हुए एसएसपी नवनीत भुल्लर ने बताया कि, “पुलिस की टीम ने छापेमारी के दौरान मौके से 150 किलो गोमांस और हत्या में इस्तेमाल किए गए विभिन्न उपकरण बरामद कर लिए हैं। इस जघन्य अपराध के मामले में गिरफ्तार महिला सहित कुल आठ लोगों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।”
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि गोवंशीय पशुओं की हत्या में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।












