ज्ञानशक्ति-समारूढः तत्त्वमाला-विभूषितः ।
भुक्तिमुक्ति-प्रदाता च तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥11॥
हिंदी अर्थ
जो ज्ञान और शक्ति से परिपूर्ण हैं, जो तत्त्वों (सैद्धान्तिक विषयों) की माला से विभूषित हैं तथा जो भुक्ति और मुक्ति अर्थात् सुख, कल्याण व मोक्ष प्रदान करने वाले हैं, उन श्री गुरु को प्रणाम।

















