मिर्जापुर । जिम जिहाद मामले के 10 आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। ये सभी आरोपी जिम की आड़ में कथित अवैध कन्वर्जन और युवतियों को ब्लैकमेल करने के आरोप में जेल में बंद हैं।
थाना कोतवाली देहात पुलिस ने गिरोहबंदी एवं समाज-विरोधी गतिविधियों की रोकथाम अधिनियम (गैंगस्टर एक्ट) के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपियों की संपत्तियों को चिन्हित करना शुरू कर दिया गया है।
संगठित अपराध करने वालों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत चोट
मिर्जापुर पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देश पर जनपद में अपराध, कन्वर्जन और संगठित अपराधों में शामिल आरोपियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना कोतवाली देहात में पूर्व में दर्ज दो मुकदमों के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
मामले की समयरेखा (Timeline)
- 19 जनवरी 2026: थाना कोतवाली देहात में पहला मुकदमा दर्ज किया गया था।
- 17 अप्रैल 2026: विवेचना के बाद गंभीर धाराएं बढ़ाते हुए आरोप-पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
- 20 जनवरी 2026: इसी प्रकार का दूसरा मुकदमा दर्ज हुआ।
- वर्तमान स्थिति: दोनों मामले वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन हैं।
जिम की आड़ में युवतियों को फंसाने का मॉडस ऑपेरेंडी: आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उगाही
जांच में सामने आया कि कथित गिरोह का सरगना इमरान खान अपने साथियों के साथ मिलकर जिम में आने वाली युवतियों को बहला-फुसलाकर अपने जाल में फंसाता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी युवतियों के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बनाकर उन्हें जबरन कन्वर्जन कराने और धन उगाही जैसी गतिविधियों में शामिल थे। पुलिस ने इसे समाज में भय और आतंक फैलाने वाला संगठित अपराध माना है।
पुलिस ने बताया कि विवेचना के दौरान अपराध से अर्जित संपत्तियों को चिन्हित कर जब्तीकरण की कार्रवाई भी की जाएगी।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में सभी आरोपित वर्तमान में जिला कारागार में बंद हैं।











