लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक स्थल को लेकर हिंदू और मुस्लिम पक्ष के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। हिंदू पक्ष के लोगों का कहना है कि यह राजा कंसा का प्राचीन किला था। वहां पर मुसलमानों ने धीरे-धीरे कब्जा कर लिया और फिर मस्जिद और कब्रिस्तान के तौर पर उसका इस्तेमाल करने लगे। हिंदू पक्ष के लोगों का कहना है कि 11वीं सदी के नागवंशी शासक राजा कंसा के किले को खाली कराया जाय।
किले की भूमि उपयोग और ऐतिहासिक दावों को लेकर स्थानीय लोगों की शिकायत
इस ऐतिहासिक किला को मुसलमानों ने कब्जा करके यहां पर मस्जिद बना दिया और उसके बाद वहां पर कब्रिस्तान के नाम पर जमीन कब्जा कर ली। प्राचीन काल में वहां पर भगवान महादेव का मंदिर हुआ करता था और पूजा भी होती थी मगर मुसलमानों ने वहां की पहचान बदलकर के उस पर कब्जा कर लिया। इस मामले पर वहां के लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भी लिखा है।
स्थानीय लोगों ने लखनऊ के पुराने गजेटियर का भी संदर्भ दिया है। गजेटियर के हवाले से कहा गया है कि काकोरी और मलिहाबाद में 11वीं सदी में राजा कंसा का प्रभाव हुआ करता था। उस समय विदेशी आक्रांता सालार मसूद इस क्षेत्र में आया था। सालार मसूद का राजा कंसा के साथ काला मुकाबला हुआ था। इस इलाके में सालार मसूद के दो सेनापति मार भी गए थे। वर्तमान समय में इस स्थल पर स्थिति कुछ तनावपूर्ण बताई जा रही है। तनाव को देखते हुए वहां पर पुलिस तैनात की गई है। आमतौर पर जुम्मे की नमाज पढ़ने के लिए कुछ संख्या में मुसलमान आया करते थे लेकिन शुक्रवार को काफी संख्या में मुसलमान वहां नमाज पढ़ने आए थे।

















