उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में पुलिस ने कथित धर्मांतरण से जुड़े एक मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई रामकोट थाना क्षेत्र के रामनगर खटकरी गांव में की गई, जहां एक प्रार्थना सभा के दौरान धर्मांतरण कराने की शिकायत मिली थी।
सीतापुर में धर्मांतरण के आरोप में तीन लोग हिरासत में
पुलिस के अनुसार, 7 जून को सूचना मिली कि गांव में आयोजित एक प्रार्थना सभा के माध्यम से लोगों को इसाई मत अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच के दौरान तीन लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनकी पहचान मंजीत कुमार, विष्णु और नंद किशोर मौर्य के रूप में हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि स्थानीय निवासी विष्णु ने कथित रूप से मंजीत कुमार और नंद किशोर मौर्य को गांव में बुलाया था। पुलिस का आरोप है कि ये लोग आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीणों को धन और अन्य सहायता का लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रहे थे। लाशी के दौरान पुलिस को एक बाइबिल, लकड़ी का बड़ा क्रॉस तथा कुछ धार्मिक पुस्तकें और पर्चे मिले। पुलिस ने इन सभी सामानों को जब्त कर लिया है और उन्हें जांच के लिए भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि इन वस्तुओं की जांच से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि कहीं उत्तर प्रदेश के धर्मांतरण विरोधी कानून का उल्लंघन तो नहीं हुआ है।
रामकोट थाना प्रभारी पीयूष सिंह ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। उन्हें अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इस घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण इस मामले को लेकर बातचीत करते दिखाई दिए। गौरतलब है कि सीतापुर जिले में पिछले कुछ वर्षों के दौरान धर्मांतरण के आरोपों से जुड़े कई मामले सामने आ चुके हैं। वर्ष 2022 में शाहबाजपुर पोखरा गांव में भी बड़े पैमाने पर धर्म परिवर्तन कराने के आरोप लगे थे, जिसमें कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इसके अलावा सकरन, तंबौर, लहरपुर और सिधौली क्षेत्रों में भी ऐसे मामलों की जांच और कार्रवाई हो चुकी है। फिलहाल पुलिस इस मामले में सभी तथ्यों और सबूतों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

















