देहरादून: नीब ग्रुप0 के स्वदेशी आत्मघाती ड्रोन ‘वायु अस्त्र 1’ का पिछले अप्रैल माह में उत्तराखंड की जोशीमठ की पहाड़ियों में सफल परीक्षण किया गया है। इसे भारत की सीमाओं की सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हिमालय की पहाड़ियों में मनवाया लोहा
सेना सूचना स्रोत के अनुसार, वायु अस्त्र 1 ने पोखरण के रेगिस्तान से लेकर हिमालय की जोशीमठ की पहाड़ियों तक अपनी ताकत का लोहा मनवाया है। 18/19 अप्रैल को पोखरण और 26/27 अप्रैल को जोशीमठ में इसका सफल परीक्षण किया गया था।
करीब 10 किलोग्राम वॉरहेड के साथ एक ही वार में टारगेट को खत्म करने वाले इस ड्रोन में 70 से 100 किमी दूर से कंट्रोल बदलने की क्षमता है। इसे इजराइल के अस्त्र शस्त्र प्रणाली के आधार पर तैयार किया गया है। चीन और पाकिस्तान बॉर्डर पर भारतीय सेना की सर्विलांस और स्ट्राइक क्षमता को मजबूत करने के लिए यह आधुनिक तकनीक बेहद अहम मानी जा रही है।











