जो लोग कभी जंगल में वन्यजीवों के रक्षक के तौर पर जाने जाते थे, वही अब राष्ट्रीय पशु बाघ को जहर देकर मार रहे हैं। यह घटना राजाजी टाइगर रिजर्व लैंडस्केप के श्यामपुर फॉरेस्ट रेंज में सामने आई है, जहां दो बाघों के शव बरामद हुए हैं। फॉरेस्ट अधिकारियों के अनुसार इन बाघों को जहर देकर मारा गया है।
जहर देकर बाघ की हत्या, पंजे काटकर शव झाड़ियों में छिपाया
इस घटना से उत्तराखंड वन विभाग में हलचल मच गई है, नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी ने इस घटना का संज्ञान लिया है। राज्यसरकार ने भी इस घटना पर चिंता प्रकट करते हुए फॉरेस्ट अधिकारियों का जवाब तलब किया है। जानकारी के मुताबिक, पेट्रोलिंग के दौरान फॉरेस्ट अधिकारियों को श्यामपुर सज्जनपुर बीट में एक बाघ की लाश मिली। उसके चारों पंजे कटे हुए थे और उसकी बॉडी एक झाड़ी में छिपी हुई थी। पास में ही एक भैंस और बछड़े की लाशें थीं, जिन्हें जहर दिया गया था।
थोड़ी ही दूरी पर एक ओर बाघिन का शव मिला। फॉरेस्ट अधिकारियों ने आसपास पूछताछ के बाद वन गुज्जर आलम को हिरासत में लिया उसे कड़ी पूछताछ के बाद मालूम हुआ कि ये वारदात उसके और चार अन्य के द्वारा की गई है। जिनके नाम आमिर, हमजा,आशिक और जुप्पी है। चारों फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। जानकारी के मुताबिक ऐसा अंदेशा है कि उक्त दोनों बाघो के साथ उनकी माँ भी थी जिसकी तलाश में जंगल में कॉम्बिंग की जा रही है।
बाघों की मौत पर हाई अलर्ट
दो बाघों के मारे जाने की घटना को नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथार्टी ने संज्ञान में लिया है और पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ से रिपोर्ट तलब की है। उल्लेखनीय है कि बाघों को मारने के लिए शिकारी ये आसान तरीका ढूंढ चुके है कि बाघ उनके पालतू या फिर किसी वन्यजीव को अपना शिकार बनाता है तो वे उस के शव पर जहर छिड़क देते है ताकि वो पुनः अपनी भूख को शांत करने वहां आए और वे उसका शिकार कर सकें। उत्तराखंड वन विभाग के मुखिया पीसीसीएफ हॉफ रंजन कुमार मिश्रा ने बताया कि इस मामले की रिपोर्ट तलब की गई है और बाघों का पोस्टमार्टम करवाया गया है। पूरे राज्य में बाघों सहित अन्य संरक्षित जीवों की सुरक्षा के लिए हाई एलर्ट घोषित किया गया है। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने भी इस घटना पर चिंता जाहिर करते हुए हरिद्वार जिले के फॉरेस्ट अधिकारियों का जवाब तलब किया है।
जंगलों में शिकार करते है वन मुस्लिम गुज्जर
बाघों की हत्या करने की ये पहली घटना नहीं है। पहले भी एक वन गुज्जर के घर से डीएफओ रहे आकाश वर्मा ने बाघ की खाल,हड्डिया बरामद हुई थी, पूर्व में आम पोखरा रेंज में वन गुज्जर गुलाम रसूल के पास से हाथी दांत, अमान गढ़ कॉर्बेट एरिया से अशरफ,शराफत, असलम, शमशेर रुस्तम से बाघ की खाल बरामद हुई है। इस रिकवरी से यह साबित होता है कि मुस्लिम वन गुज्जरों में भी वाइल्डलाइफ क्राइम बढ़ रहे हैं, जिन्हें कभी जंगल का रक्षक माना जाता था।

















