भोजशाला में अब बिना रोक-टोक के 365 दिन होगी पूजा, हटाया कमाल मौला मस्जिद का नाम, एएसआई ने जारी किया नया आदेश
August 11, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

भोजशाला में अब बिना रोक-टोक के 365 दिन होगी पूजा, हटाया कमाल मौला मस्जिद का नाम, एएसआई ने जारी किया नया आदेश

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने आदेश से हटाया कमाल मौला मस्जिद का नाम

Written byएजेंसीएजेंसी
May 17, 2026, 12:32 am IST
inभारत, मध्य प्रदेश
भोजशाला में होगी 365 दिन पूजा, एएसआई का नया आदेश जारी

भोजशाला में होगी 365 दिन पूजा, एएसआई का नया आदेश जारी

मध्य प्रदेश के धार जिला मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक भोजशाला मामले में उच्च न्यायालय के हालिया आदेश के परिप्रेक्ष्य में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा शनिवार को एक नया प्रशासनिक आदेश जारी किया गया है। नए आदेश के मुताबिक भोजशाला में अब बिना किसी रोक-टोक के 365 दिन पूजा होगी।

नई व्यवस्था के तहत एएसआई ने पहली बार इस ऐतिहासिक स्थल को प्रशासनिक तौर पर राजा भोज द्वारा स्थापित भोजशाला एवं संस्कृत पाठशाला के रूप में संबोधित किया है। इससे पहले इस परिसर के साथ प्रयुक्त होने वाले कमाल मौला मस्जिद संबंधी उल्लेख को स्वीकार नहीं किया गया था।

एएसआई का नया आदेश

एएसआई ने शनिवार को जारी आदेश में भोजशाला में पूजा-पाठ को लेकर नई व्यवस्था दी है। नई व्यवस्था के तहत एएसआई ने पहली बार इस ऐतिहासिक स्थल को प्रशासनिक तौर पर “राजा भोज द्वारा स्थापित भोजशाला एवं संस्कृत पाठशाला” के रूप में संबोधित किया है। इससे पहले इस परिसर के साथ प्रयुक्त होने वाले कमाल मौला मस्जिद संबंधी उल्लेख को स्वीकार नहीं किया गया था। हिंदू संगठनों और सांस्कृतिक विशेषज्ञों ने इसे ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए ऐतिहासिक सत्य की पुनर्स्थापना कहा है।

एएसआई का नया आदेश

मुख्य याचिकाकर्ता आशीष गोयल के अनुसार, उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में भोजशाला के ऐतिहासिक स्वरूप और वहां निरंतर चली आ रही हिंदू पूजा परंपरा को विशेष महत्व दिया है। इसके बाद एएसआई द्वारा जारी नए आदेश में हिंदू समाज को वर्ष के सभी 365 दिनों तक बिना किसी रोक-टोक के पूजा-अर्चना करने का अधिकार प्रदान किया गया है। इसके साथ ही, पूर्व में लागू शुक्रवार की नमाज संबंधी व्यवस्था को निरस्त किए जाने की बात भी सामने आई है।

क्या थी पुरानी व्यवस्था?

दरअसल, वर्ष 2003 से लागू एएसआई की व्यवस्था में मंगलवार को हिंदुओं को पूजा और शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय को नमाज की अनुमति थी। शेष दिनों में यह स्थल पर्यटकों के लिए खुला रहता था। इस फैसले और एएसआई की नई व्यवस्था की जानकारी मिलते ही धार सहित पूरे मध्य प्रदेश में श्रद्धालुओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के बीच भारी उत्साह देखा जा रहा है।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय केवल एक धार्मिक स्थल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक पहचान और वैज्ञानिक पुरातात्विक साक्ष्यों (एएसआई सर्वे) के महत्व को भी रेखांकित करता है। यह स्थल लंबे समय से परमार वंश के महान राजा भोज की ज्ञान परंपरा, विद्या के केंद्र और मां सरस्वती (वाग्देवी) के प्राचीन मंदिर के रूप में हिंदू पक्ष की आस्था का केंद्र रहा है, जिसे अब कानूनी और प्रशासनिक मान्यता मिलने का दावा किया जा रहा है।

 

Topics: धार भोजशालाBhojshalaकमाल मौला मस्जिदधार भोजशाला पूजाभोजशाला 365 दिन पूजा
एजेंसी
एजेंसी
हिंदुस्थान समाचार (प्रतिष्ठत समाचार एजेंसी) [Read more]
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

British Museum 11th Century Maa Saraswati Vagdevi Idol Return Bhojshala Dhar Haryana Saraswati Board Panchjanya

भारत लौटेगी भोजशाला की देवी वाग्देवी की प्रतिमा? ब्रिटिश संग्रहालय से चल रही बातचीत

dhar bhojshala friday maha arati announcement

भोजशाला: सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई, क्या है पूरा मामला?

supreme court

भोजशाला मामले में मुस्लिम पक्ष को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, परिसर में नहीं होगी नमाज

धार स्थित भोजशाला में विधायक टी राजा

भोजशाला पहुंचे टी. राजा, बोले- ‘गैर हिंदू नहीं, मुसलमानों का प्रवेश निषेध लिखा जाए’

मुख्यमंत्री मोहन यादव पहुंचे धार की ऐतिहासिक भोजशाला, मां वाग्देवी के किए दर्शन

Bhojshala Maha Arti

भोजशाला में 721 साल बाद पहली बार शुक्रवार को हुई महा आरती, हिंदू संगठनों ने मनाया उत्सव

Load More

ताज़ा समाचार

Iran recloses strait of hormuz

होर्मुज संकट गहराया: अमेरिका-ईरान तनाव से तेल कीमतें ऊंचे स्तर पर, WTI 82 डॉलर के पार

हिजरत का टाइमबम

‘एक खुदा, एक पैगंबर, तीन झंडे एक दिल’: पाकिस्तान-सऊदी-तुर्किए डिफेंस पैक्ट का वन शील्ड एंथम सोशल मीडिया पर वायरल

झारखंड बंद: जेपीएससी पेपर लीक प्रदर्शन पर पुलिस लाठीचार्ज के खिलाफ भाजपा का आह्वान, रांची पुलिस हाई अलर्ट पर

Donald Trump

डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अब तक 1,75,000 से ज्यादा वीजा रद्द हुए, जानिए क्यों?

Donald trump gulf War

खाड़ी संकट के बीच ट्रंप की ईरान से मुआवजे की मांग, 50 साल के नुकसान का हिसाब मांगा

आज का श्लोक : विपद्ग्रस्तस्य देशस्य ये न यान्ति सहायताम्।

आज का राशिफल

11 अगस्त राशिफल: आज इन राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें मेष से मीन तक का हाल

आज का इतिहास

11 अगस्त का इतिहास: दादरा-नगर हवेली के विलय से लेकर स्वदेशी क्रूज मिसाइल परीक्षण तक, जानें बड़ी घटनाएं

उत्तराखंड में आकस्मिक बाढ़ का खतरा

Uttarakhand Weather Update : उत्तराखंड के 12 जिलों में अगले 24 घंटे भारी, अचानक आ सकती है बाढ़

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies