पश्चिम बंगाल में सत्ता बदलने के साथ ही चीजें बदलनी शुरू हो गई हैं। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के द्वारा राज्य के सभी स्कूलों में वंदे मारतम् के फैसले के बाद अब आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के नेता और विधायक हुमायूं कबीर ने खुलकर इसका समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि जब तक दुनिया रहेगी, वंदे मातरम रहेगा। कबीर पहले तृणमूल कांग्रेस में थे और अब अपनी पार्टी बनाकर चुनाव लड़े। उन्होंने बाबरी मस्जिद बनाने का ऐलान करके भी सुर्खियां बटोरी थीं।
ममता बनर्जी के कोर्ट जाने को नाटक बताया
हुमायूं कबीर ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कलकत्ता हाईकोर्ट जाने को नाटक करार दिया। उन्होंने कहा कि 2021 में जब ममता तीसरी बार मुख्यमंत्री बनीं, तब चुनाव के बाद काफी हिंसा हुई थी। अब सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बनने और बीजेपी सरकार आने के बाद ऐसी कोई हिंसा नहीं हुई है। फिर भी ममता काला कोट पहनकर कोर्ट जा रही हैं। कबीर का कहना है कि इससे उनकी पार्टी को कोई फायदा नहीं मिलेगा।
वंदे मातरम पर समर्थन
स्कूलों में वंदे मातरम गाने को लेकर भी हुमायूं कबीर का पूरा समर्थन है। उन्होंने साफ कहा, “कोई दिक्कत नहीं है। भारत का वंदे मातरम नारा पहले से था, अभी भी रहेगा। जितने दिन दुनिया रहेगी, उतने दिन यह रहेगा। वंदे मातरम के लिए किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए।”
बुलडोजर एक्शन का समर्थन
अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाने के मामले में भी कबीर ने सरकार का साथ दिया। उन्होंने कहा कि जहां भी अवैध निर्माण हो, वहां बुलडोजर चलना चाहिए। अगर कोई गलत काम में शामिल है तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो, उन्हें इसमें कोई दिक्कत नहीं है और वे पूरा सहयोग करेंगे।
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रेजीनगर सीट छोड़ेंगे, बेटे को बनाएंगे उम्मीदवार
विधानसभा चुनाव में हुमायूं कबीर ने नौदा और रेजीनगर दो सीटों से जीत हासिल की है। अब वे रेजीनगर सीट छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। गुरुवार को उन्होंने बताया कि कल रेजीनगर से इस्तीफा दे देंगे और वहां अपने बेटे को उम्मीदवार बनाएंगे। उनका विश्वास है कि बेटा उनसे भी ज्यादा वोटों के अंतर से चुनाव जीतेगा।
ममता बनर्जी के काले कोट पर बवाल
गुरुवार को ममता बनर्जी कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंची थीं। इस दौरान वे वकीलों वाले काले कोट में थीं, जिसे लेकर काफी विवाद हुआ। कई राजनेता इसे नाटक बता रहे हैं। बार काउंसिल ने भी इस मामले में रिपोर्ट मांगी है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू ने भी ममता के इस तरीके पर सवाल उठाया।
कोर्ट परिसर में ‘चोर-चोर’ के नारे
कोर्ट में सुनवाई के बाद जब ममता बाहर निकल रही थीं, तब कुछ वकीलों के एक समूह ने उन्हें देखकर ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए। तृणमूल नेता और वकील कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा प्रभावित वकीलों ने ममता को परेशान करने की कोशिश की। पार्टी की कानूनी टीम को उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

















