राष्ट्रगान जन-गण-मन और राष्ट्रगीत वंदे मातरम के गाए जाने को लेकर मचे सियासी बवाल के बीच माह में ये दूसरी बार है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को निर्देशित किया है। सरकार ने स्पष्ट नियम दोबारा बताए हैं। इसके तहत पहले वंदे मातरम का गान होगा और उसके बाद राष्ट्रगान जन गण मन गाया जाएगा।
रिपोर्ट के अनुसार, सरकार का कहना है कि इन गीतों का सम्मान बनाए रखने के लिए सही शब्दों और उच्चारण का पूरा ध्यान रखा जाए।
किन मौकों पर गाए जाएंगे दोनों गीत
9 जुलाई 2026 के आदेश के मुताबिक, राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को कई खास कार्यक्रमों में बजाना या गाना होगा। इनमें राष्ट्रपति के औपचारिक राजकीय कार्यक्रमों में उनके आने और जाने के समय। राष्ट्रपति जब ऑल इंडिया रेडियो या दूरदर्शन पर देश को संबोधित करते हैं, तो ठीक पहले और बाद में। नागरिक सम्मान समारोहों और सरकार के अन्य कार्यक्रमों में भी गाया जाएगा। इसके अलावा राज्यपाल और उप-राज्यपाल के अपने राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में औपचारिक कार्यक्रमों में आने-जाने के समय भी यही नियम लागू होगा। परेड में राष्ट्रीय ध्वज लाए जाने के मौके पर भी ‘वंदे मातरम’ बजाया जाएगा।
राष्ट्रगान जन गण मन और राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के सम्मान को सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों को नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
इनमें सही उच्चारण, शब्दों की शुद्धता, निर्धारित प्रोटोकॉल, गायन के क्रम और समय-सीमा का… pic.twitter.com/dzz8PBez21
— PB-SHABD (@PBSHABD) July 11, 2026
मंत्रालय ने जारी की उच्चारण की गाइड
मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर सही शब्दों और उच्चारण की गाइड भी उपलब्ध कराई है। किसी भी अन्य कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम’ बजाने के लिए भारत सरकार का विशेष आदेश जरूरी होगा।
राज्य गीत के साथ क्या नियम
कुछ राज्यों में राष्ट्रगान या राष्ट्रगीत के साथ राज्य गीत भी गाया जाता है। नए निर्देश में साफ कहा गया है कि ऐसी स्थिति में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों को एक साथ गाना या बजाना होगा। क्रम यह रहेगा – पहले वंदे मातरम, फिर जन-गण-मन।
पहले क्या थे निर्देश
इससे पहले 28 जनवरी 2026 को गृह मंत्रालय ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के प्रोटोकॉल पर पहला सेट जारी किया था। उसमें कहा गया था कि राष्ट्रपति के आगमन, तिरंगा फहराने और राज्यपालों के भाषण जैसे कार्यक्रमों में इसके छह पद गाए जाएंगे। इसकी कुल अवधि लगभग तीन मिनट दस सेकंड है। उस आदेश में भी यही बात कही गई थी कि जब दोनों गीत साथ में हों तो पहले राष्ट्रगीत आएगा। गीत गाते समय सभी लोग सावधान की मुद्रा में खड़े रहेंगे।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार इस समय ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ मना रही है। 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा के प्रस्ताव में ‘जन-गण-मन’ को राष्ट्रगान घोषित किया गया था। साथ ही ‘वंदे मातरम’ को भी राष्ट्रगान के बराबर सम्मान दिया गया था।

















