कहते हैं कि समय के साथ घाव सूख जाते हैं, मगर सूखे हुए घाव भी निशान तो बताते ही हैं। जब घाव गहरे होते हैं तो वे सूखने पर भी पीड़ा देते ही हैं। सूखने पर वे यह बताते हैं कि आखिर चोट कितनी गहरी थी या फिर उस समय हुआ क्या था।
मगर कुछ घाव होते हैं, जो सूखने पर भी उतनी ही पीड़ा देते हैं, जितने ताजे देते हैं। ऐसा ही घाव है इजरायल के लिए 7 अक्टूबर 2023 का, जब हमास के आतंकियों ने उत्सव मनाते हुए लोगों पर हमला कर दिया था। हत्या तो मामूली बात लगी थी, जब यह पता लगा था कि छोटे – छोटे बच्चों के साथ हमास के आतंकियों ने आखिर क्या किया था?
कौन भूल सकेगा वह दृश्य, जब वे एक पालतू कुत्ते तक को अपनी गोली का शिकार बना रहे थे। मगर अब एक नई रिपोर्ट सामने आई है, वह इस वीभत्सता की और भी बड़ी कहानी कहती है।
यह उन घावों को और गहरा करती है और मानवता के सामने प्रश्न करती है कि क्या यह भी हो सकता है?
पुरुषों के साथ भी सामूहिक बलात्कार: ‘द सिविल कमीशन’ की रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे
7 अक्टूबर 2023 को इज़रायल पर हमास के आतंकियों ने जो हमला किया था, उसमें पीड़ितों के साथ जो यौन हिंसा हुई थी, उसे लेकर घटनाओं को रिकार्ड नहीं किया गया था। इजरायल की महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करने वाले एक गैर सरकारी संगठन ने इस दिशा में जब घटनाओं को रिकार्ड किया, तो डराने वाले और दहलाने वाले वाकये सामने आए।
डेली मेल ने इस रिपोर्ट की फाइंडिग के हवाले से उन वीभत्स घटनाओं को बताया है। इस रिपोर्ट के अनुसार केवल महिलाओं के साथ ही यौन शोषण नहीं हुआ था, बल्कि पुरुषों को भी इन सबसे होकर गुजरना पड़ा था और साथ ही कम से कम एक व्यक्ति के साथ सामूहिक बलात्कार हुआ था।
पीड़ितों के शवों को विकृत किया गया था और साथ ही उन्हें इस तरह भयानक रूप से काटा गया था कि जो लोग इन्हें खोजें, वे भी डर से भर जाएं। इस संगठन से बात करने वाले पहले व्यक्ति एरन मसस ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल प्रताड़ित करना था, उनका उद्देश्य जीत नहीं था।
बंधकों को अपनों के सामने यौन संबंध के लिए किया गया मजबूर
इतना ही नहीं, जिन्हें बंधक बनाया गया, उन्हें अपने परिजनों और युवा रिश्तेदारों के सामने एक दूसरे के साथ और एक दूसरे के सामने यौन संबंध बनाने के लिए बाध्य किया गया। ऐसा न करने पर उन्हें मारा गया। लोगों का कहना था कि हमला करने वालों का उद्देश्य केवल परिवार संस्था को नष्ट करने का था।
हमास अत्याचारों से भरी 180 पन्नों की रिपोर्ट
180 पन्नों की यह रिपोर्ट हमास के उन तमाम अत्याचारों की कहानी है, जो 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल के उन नागरिकों पर हमास के आतंकियों ने किये थे, जो बस उन्हें किसी तरह मारना चाहते थे, अपमानित करना चाहते थे या फिर अपनी नफरत हर संभव तरीके से निकालना चाहते थे।
इसमें जो कहानियाँ हैं, वह दिल दहला देने वाली तो हैं ही, साथ ही यह भी जरूरी है कि जो अभी तक सामने नहीं आया, वह सामने आए। और इन्हें रोकने के लिए क्या किया जा सकता है?
डेली मेल के अनुसार जैसा कि ‘द सिविल कमीशन’ की संस्थापक और इस रिपोर्ट की मुख्य लेखिका डॉ. कोचाव एल्कायम-लेवी कहती हैं-
इस ‘चर्चा का रुख इस सवाल से हटाकर कि क्या यह घटना हुई थी – इस ओर मोड़ना चाहिए कि इसके परिणाम क्या हैं और भविष्य में ऐसी क्रूरताओं को रोकने के लिए हम क्या कर सकते हैं’
उनका कहना है कि यह अविश्वनीय है कि कुछ लोग अभी भी यहूदियों के सबसे बड़े कत्लेआम पर सवाल उठाते हैं। यूएन भी इन अत्याचारों पर बात करने से बचता है, क्या “सभी महिलाओं” वाला पहलू यहाँ नहीं है?
10,000 तस्वीरों और 1,800 घंटे के वीडियो विश्लेषण का निचोड़
सविल कमीशन नामक संगठन ने हमले से जुड़ी 10,000 से अधिक तस्वीरों और वीडियो की जांच की है, जिसमें कुल 1,800 घंटे से अधिक का विज़ुअल विश्लेषण शामिल है। सबसे अहम बात जो इस रिपोर्ट में है, वह यह कि ऐसे दुर्व्यवहार कोई अकेली या एक-दो घटनाएं नहीं थीं।
वहाँ पर लगातार बलात्कार और सामूहिक बलात्कार, यौन यातना, अंग-भंग; चेहरे, सिर और जननांगों पर जान-बूझकर गोली मारना; ज़बरदस्ती नग्न करना, बाँधना और रोकना, जननांगों को जलाना, निजी अंगों में चीज़ें डालना, मृत्यु के बाद यौन शोषण और यौन हमले के दौरान या उसके बाद हत्या करने को अनेक लोगों पर दोहराया गया।
सबसे पहले प्रतिक्रिया देने वालों ने यह पाया कि वहाँ पर जो लोग मरे पड़े हैं, उनके जननांगों और शरीर के अन्य हिस्सों में एल्युमिनियम के डिब्बे, ग्रेनेड, कीलें, कुंद वस्तुएँ, रॉड, घरेलू औज़ार और नुकीले औज़ार तक डाले गए थे।
नोवा उत्सव में भाग लेने गईं डेरीन कॉमरोव किसी तरह से छुप गई थीं और उन्होनें बताया कि उन्होनें वहाँ पर कम से कम तीन बलात्कार की आवाज सुनी। उन्होनें कहा कि वह बलात्कार नहीं था, वह और भी बहुत कुछ था। बलात्कार करने वाले हंस रहे थे, वे आपस में जोक मार रहे थे, वे उन्हें एक के बाद दूसरे के पास भेज रहे थे। और वे सब मजे के लिए कर रहे थे।
बलात्कार की चीख के बाद एक गोली की आवाज और फिर सन्नाटा! जब उन्हें बचाया गया तो उन्होनें वहाँ पर बिखरे हुए शव देखे, जिनमें से किसी भी मौत सामान्य नहीं थी, सभी तड़पा-तड़पा कर मारे गए थे। एक वालन्टीयर ने भी बताया कि उसने एक आदमी का शव देखा था, जिसके साथ बलात्कार हुआ होगा। नोवा की एक और सर्वाइवर ने बताया कि एक महिला के साथ बलात्कार के बाद उसके स्तन तक काट दिए गए थे।
प्रत्यक्षदर्शी रैज़ कोहेन ने एक औरत को गाड़ी से बाहर खींचकर बलात्कार करते हुए देखा। उन्होनें कहा कि ‘उसने उसे चाकू मारा… मैंने उसे तड़पते और बेहोश होते देखा और फिर उन्होंने उसके साथ फिर से बलात्कार किया, यहाँ तक कि जब वह हिलडुल भी नहीं रही थी, तब भी वे बलात्कार करते रहे।“
नोवा में एक स्टेज के नीचे छिप कर जान बचाने वाले योनी सादोन ने अपने आप को ऐसी महिला के शव के नीचे छिपाकर बचाया, जिसे उसके सामने ही मार डाला गया था। और फिर एक और महिला के साथ सामूहिक बलात्कार होते हुए देखा। वह चीख रही थी कि ‘बस करो, अभी, तुम जो कर रहे हो उससे मैं वैसे भी मरने वाली हूँ, बस मुझे मार डालो।’ और आतंकवादियों ने बलात्कार करने के बाद हँसते हुए उसे गोली मार दी थी। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘एक लड़ाके ने फावड़ा लिया और उसका सिर काट दिया, और उसका सिर ज़मीन पर लुढ़क गया।’
यह रिपोर्ट केवल यौन उत्पीड़न और बलात्कार के मामलों को लेकर है, जिसमें पहली बार यह बताया गया है कि पुरुषों को भी मारने से पहले यौनिक हिंसा का शिकार बनाया गया था। एक पीड़ित जो कि जिंदा था उसने बताया कि कैसे उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया।
इस रिपोर्ट में वह तमाम बातें हैं, जिन्हें बार-बार कहा गया है कि कैसे मारा गया, मगर जो महत्वपूर्ण है कि मारने से पहले किस प्रकार लड़कियों के साथ बलात्कार किया गया और उनके जननांगों को विकृत किया गया, स्तन काटे गए, उनके जननांग जला तक दिए गए और न जाने कितनी वीभत्सता की गई।
इस रिपोर्ट के आने के बाद एक बार फिर से उस सिलेक्टिव चुप्पी पर चर्चा होने की संभावना है, जो इस हमले की शिकार महिलाओं को लेकर साध ली जाती है, मगर इस बार यह रिपोर्ट यह भी बताती है कि कैसे पुरुष भी पीड़ित हैं, कैसे पुरुष भी यौन हिंसा का शिकार हुए, कैसे 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल में नोवा फेस्टिवल मनाते हुए इज़रायाल के नागरिकों पर हमास के आतंकीयों ने हमला किया तो उनका उद्देश्य शरीर के आधार पर अपमानित करके मौत देना था।

















