बुधवार सुबह 38 वर्षीय प्रतीक यादव को इलाज के लिए लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया था। घर के लोग अस्पताल लेकर गए थे। अस्पताल में डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उसके बाद पोस्टमार्टम कराया गया।
पहली चोट छाती के सामने दाहिने ओर 14×7 सेंटीमीटर की थी, जिसका रंग बीच में लाल-भूरा और किनारों पर हरा-पीला था। दूसरी चोट दाहिने हाथ के पिछले हिस्से पर 19×12 सेंटीमीटर की पाई गई है। तीसरी चोट दाहिने फोरआर्म पर कोहनी से कलाई तक 24×8 सेंटीमीटर की थी। इसके अलावा चौथी चोट दाहिने फोरआर्म पर 6×4 सेंटीमीटर की थी। पांचवीं चोट दाहिनी कोहनी के पीछे 12×6 सेंटीमीटर और छठी चोट बाएं हाथ की कलाई पर 3×2 सेंटीमीटर की थी। सभी चोट के नीचे खून जमने के निशान पाए गए हैं।
सभी चोट मृत्यु से पहले की
पीएम रिपोर्ट में शरीर पर मिली सभी चोट मृत्यु से पहले की हैं। पहली, दूसरी और तीसरी चोट करीब 5 से 7 दिन पुरानी पाई गई है। चौथी, पांचवीं और छठी चोट लगभग एक दिन पुरानी बताई गई हैं। मौत और पोस्टमार्टम के बीच का समय लगभग आधा दिन बताया गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सीने पर चोट के निशान पाए गए हैं। दाहिने हाथ के नीचे भी चोट के निशान मिले हैं।दाहिने हाथ की कलाई और बांह पर चोट के निशान हैं। ये तीनों चोटें 5–7 दिन पुरानी बताई गई हैं। दाहिने हाथ की कोहनी पर भी चोट का निशान पाया गया है, इस चोट को करीब 2 दिन पुराना बताया गया है। पैरों में भी सूजन पाई गई थी।
विसरा जांच होगी
विसरा पुलिस अधिकारी को सौंप दिया गया है। रिपोर्ट में मौत का कारण ‘मैसिव पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म’ से ‘कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स’ बताया गया है। हृदय और पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिक सामग्री को हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के लिए सुरक्षित कर लिया गया है।











