Congress performance vs SP alliance UP election । 99 सीटों का जोश क्या अब ठंडा पड़ रहा है? उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव के साथ 85-100 सीटों का सपना देखने वाली कांग्रेस के लिए हल ही में आए विधानसभा नतीजों ने कड़वी हकीकत पेश की है… पांच प्रदेशों में विधानसभा चुनाव के बाद अब सबकी नज़रें उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव पर टिक गई हैं।
इस चुनाव में जहां भाजपा-नीत एनडीए में अपना दल (सोनेलाल), निषाद पार्टी, राष्ट्रीय लोक दल, भारतीय समाज पार्टी शामिल हैं, वहीं समाजवादी पार्टी के गठबंधन में कांग्रेस पार्टी, जन अधिकार पार्टी, माकपा और तृणमूल कांग्रेस पार्टी शामिल हैं।
नए सिरे से रणनीति की जरूरत: क्या 100 सीटों की जिद छोड़नी पड़ेगी?
इन पांच प्रदेशों के चुनाव के बाद अब समाजवादी पार्टी गठबंधन को अब नए सिरे से अपने कुनबे ठीक करने की जरूरत है। कांग्रेस पार्टी को लोकसभा चुनाव में सपा गठबंधन ने 17 सीट दी थी। कांग्रेस पार्टी इनमें छह सीट जीतने में सफल हुई थी। इसके आधार पर कांग्रेस पार्टी अपने लिए लगभग 85 से 100 सीट विधानसभा चुनाव में सपा के साथ गठबंधन में लड़ने के लिए मन बना रही थी। मगर इन प्रदेशों के विधानसभा चुनावों के बाद अब सपा और अन्य सहयोगी दल कांग्रेस पार्टी के साथ सीटों के मामले में नई सोच के साथ उतरने की तैयारी में हैं।
लोकसभा के बाद कांग्रेस का पतन: बंगाल से पुडुचेरी तक दिग्गजों की साख दांव पर
कांग्रेस पार्टी का लोकसभा चुनाव के बाद राज्य दर राज्य प्रदर्शन काफी कमजोर हुआ है। कांग्रेस पार्टी लोकसभा चुनाव में 99 सीट जीतकर एक नई उम्मीद के साथ राजनीतिक मैदान में आई थी। मगर लोकसभा चुनाव के बाद जहां भाजपा ने अपने प्रदर्शन में काफी सुधार किया है, वहीं कांग्रेस का प्रदर्शन काफी कमजोर हुआ है। न सिर्फ कांग्रेस बल्कि इसके सहयोगियों का भी प्रदर्शन कमजोर हुआ है।
पश्चिम बंगाल में कांग्रेस पार्टी का गिरता प्रदर्शन
पश्चिम बंगाल में कांग्रेस पार्टी को लोकसभा चुनाव में 11 विधानसभा की सीटों पर बढ़त मिली थी, जो विधानसभा चुनाव में महज दो सीट ही जीत सकी है। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को जितनी सभी सीटों पर बढ़त मिली थी, वे मुस्लिम बाहुल्य सीट थीं। यह दिखाता है कि विधानसभा के चुनाव में मुस्लिम मतदाताओं ने कांग्रेस पार्टी का साथ छोड़ा है। पश्चिम बंगाल में कांग्रेस पार्टी के लिए गहरा झटका लगा है कि विगत लोकसभा में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी भाजपा से बहरामपुर विधानसभा सीट से चुनाव हार गए हैं। यह कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व के प्रति अविश्वास को दिखाता है।
पश्चिम बंगाल में कांग्रेस का प्रदर्शन
| पार्टी | लोस में विस् बढ़त | विस् में जीत |
|---|---|---|
| कांग्रेस | 11 | 2 |
कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस पार्टी, माकपा या अन्य किसी भी दल के साथ गठबंधन का कोई भी प्रयास नहीं किया है। कांग्रेस पार्टी का मुख्य लक्ष्य खुद जितना नहीं बल्कि तृणमूल कांग्रेस पार्टी को कमजोर करना था और ममता बनर्जी की हार के कारण कांग्रेस पार्टी कम ही मन काफी खुश है।
तमिलनाडु और बिहार का उदाहरण: क्या सहयोगियों पर ‘परजीवी’ साबित हो रही है कांग्रेस?
तमिलनाडु में भी कांग्रेस पार्टी अपने मुख्य सहयोगी द्रमुक के लिए घाटे का ही सौदा साबित हुई है और कांग्रेस पार्टी ने द्रमुक पर दबाव बनाकर अपने लिए अपनी ताकत से अधिक सीट आवंटित करवा लिया। मगर कांग्रेस पार्टी द्रमुक और अन्य सहयोगियों पर परजीवी साबित हुई और गठबंधन के हार की पटकथा लिखने में अपनी भूमिका निभाई है।
तमिलनाडु में कांग्रेस का प्रदर्शन
| पार्टी | लोस में विस् बढ़त | विस् में जीत |
|---|---|---|
| कांग्रेस | 52 | 5 |
असम में कांग्रेस पार्टी का कमतर प्रदर्शन
असम के जोरहाट से निर्वाचित असम कांग्रेस पार्टी के राज्य अध्यक्ष गौरव गोगोई जोरहाट विधानसभा सीट से अपना चुनाव हार गए हैं। गौरव गोगोई लोकसभा में पार्टी के उपनेता भी हैं। अतः जोरहाट में गौरव गोगोई की हार केवल एक उम्मीदवार की हार नहीं बल्कि यह संपूर्ण कांग्रेस पार्टी के संसदीय दल के खिलाफ जनता का जनमत है।
असम में इंडी गठबंधन का प्रदर्शन
| पार्टी | लोस में विस् बढ़त | विस् में जीत |
|---|---|---|
| कांग्रेस पार्टी | 31 | 19 |
| माकपा | 0 | 0 |
| रैजोर दल | 0 | 1 |
| कुल | 31 | 20 |
पुडुचेरी में कांग्रेस पार्टी का गिरता प्रदर्शन
पुडुचेरी में लगातार दो बार से कांग्रेस पार्टी के सांसद और पूर्व में दो बार के मुख्यमंत्री वी. वैथिलिंगम का तट्टनचावडी विधानसभा सीट पर बुरी तरह हारना कांग्रेस पार्टी को पूरी तरह से हिला कर रख दिया है। तट्टनचावडी विधानसभा सीट पर वी. वैथिलिंगम की जमानत जब्त हो गई है और चौथे पायदान पर आए हैं। इससे पूर्व वी. वैथिलिंगम केवल अपने पहले चुनाव 1980 में ही हारे थे। वी. वैथिलिंगम लगातार आठ बार विधानसभा और दो बार लोकसभा का चुनाव जीत चुके हैं। कांग्रेस पार्टी की असम के जोरहाट से गौरव गोगोई और पुडुचेरी के तट्टनचावडी विधानसभा सीट से वी. वैथिलिंगम की हार कांग्रेस पार्टी के संसदीय दल के खिलाफ अपना निर्णय सुनाया है। कांग्रेस पार्टी के नेता और सांसद अपने क्षेत्र में इतने अलोकप्रिय हो गए हैं कि विधानसभा का चुनाव भी नहीं जीत पा रहे हैं।
पुडुचेरी में कांग्रेस का प्रदर्शन
| पार्टी | लोस में विस् बढ़त | विस् में जीत |
|---|---|---|
| कांग्रेस | 28 | 1 |
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी पुडुचेरी के 30 विधानसभा में 28 सीटों पर बढ़त बनाई थी, वहीं विधानसभा चुनाव में महज एक सीट ही जीत सकी है।
दिल्ली में कांग्रेस का कमजोर प्रदर्शन
दिल्ली में 2024 के लोकसभा के चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने आठ मुस्लिम बाहुल्य सीटों पर बढ़त बनाई थी, वहीं विधानसभा के चुनाव में एक भी सीट नहीं जीत सकी।
दिल्ली में कांग्रेस का प्रदर्शन
| पार्टी | लोस में विस् बढ़त | विस् में जीत |
|---|---|---|
| कांग्रेस | 8 | 0 |
बिहार में इंडी गठबंधन का प्रदर्शन
बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने राष्ट्रीय जनता दल की लुटिया डुबो दी है। कांग्रेस पार्टी ने अपनी ताकत से काफी अधिक 61 सीट लेकर गठबंधन को कमजोर करने के साथ ही राजद को कई अन्य तरीकों से परेशान किया है। राजद को कांग्रेस पार्टी के सीट के वितरण में जानबूझकर देरी करके उसे देर से उम्मीदवार घोषित करने का अवसर दिया, जिससे कि उसे अच्छे से चुनाव प्रचार करने का मौका नहीं मिल सका। वहीं सत्ता में रहने के बावजूद भी भाजपा-नीत एनडीए ने पहले से बहुत अच्छा प्रदर्शन करते हुए 202 सीटों पर जीत दर्ज की। अब राजद के लिए इतने बुरे प्रदर्शन के बाद अपनी पार्टी को एकजुट बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है।
बिहार में इंडी गठबंधन का प्रदर्शन
| पार्टी | लोस में विस् बढ़त | विस् में जीत |
|---|---|---|
| राजद | 36 | 25 |
| कांग्रेस | 12 | 6 |
| माले | 12 | 2 |
| भाकपा | 1 | 0 |
| आईआईपी | 0 | 1 |
| माकपा | 0 | 1 |
| वीआईपी | 1 | 0 |
| कुल | 62 | 35 |
महाराष्ट्र और हरियाणा के सबक: यूपी विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे पर मचेगा घमासान
हरियाणा में लोकसभा के चुनाव में इंडी गठबंधन में 46 विधानसभा की सीटों पर बढ़त बनाई थी, मगर विधानसभा के चुनाव में महज 37 सीट ही जीत सकी।
हरियाणा में इंडी गठबंधन का प्रदर्शन
| पार्टी | लोस में विस् बढ़त | विस् में जीत |
|---|---|---|
| कांग्रेस | 42 | 37 |
| आप | 4 | 0 |
| कुल | 46 | 37 |
हरियाणा में भाजपा का 2019 के अपेक्षा सीट बढ़ गया और भाजपा स्पष्ट बहुमत की रिकॉर्ड तीसरी बार सरकार बनाने में कामयाब हुई थी। कांग्रेस पार्टी ने हरियाणा में आप के साथ गठबंधन करके 2024 के लोकसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच सीट जीती थी, वहीं विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने आप को गठबंधन के लायक भी नहीं समझा।
महाराष्ट्र में इंडी गठबंधन का लोकसभा बनाम विधानसभा में प्रदर्शन
| पार्टी | लोस में विस् बढ़त | विस् में जीत |
|---|---|---|
| कांग्रेस पार्टी | 63 | 16 |
| शिव सेना (यूबीटी) | 56 | 20 |
| एनडीपी (एसपी) | 32 | 10 |
| माकपा | 151 | 46 |

















