महाराष्ट्र के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) कार्पोरेट जिहाद मामले की मुख्य आरोपी निदा खान को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से फरार चल रही निदा को छत्रपति संभाजी नगर के नारेगांव इलाके से पकड़ा गया। इस मामले में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप लगे हैं। वह TCS नासिक में प्रोसेस एसोसिएट के पद पर काम करती थी। आरोप सामने आने के बाद कंपनी ने उसे निलंबित कर दिया था।
रिपोर्ट के अनुसार, खान यहां कैसर कालोनी स्थित एक फ्लैट में पिछले कई दिनों से रह रही थी। वहां पर उसके साथ उसके चार और रिश्तेदार भी थे।
निदा खान की गिरफ्तारी और कोर्ट में याचिका
दरअसल, पुलिस ने निदा खान को पकड़ने के लिए महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों में तलाश चलाई थी। गिरफ्तारी से पहले उन्होंने अपनी दो महीने की गर्भावस्था का हवाला देते हुए नासिक कोर्ट में अग्रिम जमानत और गिरफ्तारी से सुरक्षा की याचिका दाखिल की थी। लेकिन कोर्ट ने उन्हें कोई राहत नहीं दी। इससे पहले 4 मई को ही नासिक कोर्ट ने निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा था कि पीड़िता को सुनियोजित तरीके से ब्रेनवाश करके मलेशिया भेजने की योजना नजर आती है। कोर्ट के मुताबिक, अपराध गंभीर है और मामले की गहराई तक पहुंचने के लिए हिरासत में पूछताछ जरूरी है।
2021 में ज्वाइन किया था TCS
निदा खान ने दिसंबर 2021 में TCS नासिक में काम शुरू किया था। आरोपों की जानकारी मिलने के बाद कंपनी ने 9 अप्रैल को उन्हें सस्पेंड करने का फैसला लिया। कंपनी के पत्र में लिखा था कि गंभीर मामले में उनकी संलिप्तता की खबर मिली है और वह न्यायिक या पुलिस हिरासत में हैं। इसलिए आधिकारिक कर्तव्यों को निभाने में असमर्थता के चलते तुरंत निलंबित कर दिया गया। उसके सिस्टम और नेटवर्क एक्सेस को भी बंद कर दिया गया।
मामले में क्या हैं आरोप?
देवलाली पुलिस थाने में दर्ज FIR के अनुसार, निदा खान, दानिश शेख और तौसीफ पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं। इनमें झूठा विवाह का वादा करके यौन संबंध बनाना, यौन उत्पीड़न और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना शामिल है। तीनों पर SC/ST एक्ट की धाराओं के तहत भी आरोप लगे हैं।
पुलिस के मुताबिक, दानिश शेख ने पीड़िता से शादी का झूठा वादा करके यौन उत्पीड़न किया। तौसीफ ने बार-बार छेड़छाड़ की और संबंध उजागर करने की धमकी देकर दबाव डाला। निदा खान पर आरोप है कि उन्होंने दोनों साथियों के साथ मिलकर पीड़िता को डराया-धमकाया और उसकी धार्मिक भावनाओं को बार-बार ठेस पहुंचाकर धर्म बदलने के लिए मजबूर करने की कोशिश की। जांच में पता चला कि निदा ने पीड़िता को बुर्का दी, पैगंबर मोहम्मद पर किताबें दीं और मोबाइल में इस्लामी ऐप्स इंस्टॉल करवाए। पीड़िता का नाम बदलकर हानिया रखने और उसे मलेशिया भेजने की योजना थी।
सभी आरोपी पीड़िता के ही TCS नासिक यूनिट के सहकर्मी थे। पुलिस कहती है कि पीड़िता को आरोपियों के धार्मिक रीति-रिवाज और दिनचर्या का पालन करने के लिए मजबूर किया गया था।















