पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा की सुनामी कुछ इस कदर आई कि उसमें टीएमसी की 15 साल की सत्ता उड़ गई। इस चुनाव में भाजपा ने कई ऐसे चेहरों को उतारा, जो बहुत ही साधारण पृष्ठभूमि से थे। ऐसे ही चेहरों में से एक हैं कलिता माझी, जो कि पश्चिम बंगाल की ऑसग्राम (एससी) विधानसभा सीट से बीजेपी की विधायक चुनी गई हैं। पहले वह घरों में काम करती थीं। अब जनता ने उन्हें अपना प्रतिनिधि बना दिया है।
कौन हैं कलिता माझी?
कलिता माझी पिछले करीब 20 साल से घरेलू कामगार के रूप में काम कर रही थीं। वे 2-4 घरों में बर्तन धोने, साफ-सफाई और फर्श पोछने का काम करती थीं। इससे उन्हें हर महीने लगभग 2,500 रुपये की कमाई होती थी। इसी से अपना और परिवार का खर्च चलाती थीं। राजनीति में आने से पहले उनकी जिंदगी सामान्य घरेलू कामकाजी की तरह ही थी। लेकिन पिछले 10 साल से ज्यादा समय से वे सक्रिय राजनीति में जुड़ी हुई हैं। शुरू में वे बूथ स्तर की कार्यकर्ता के रूप में काम करती थीं। बाद में पंचायत चुनाव भी लड़ चुकी हैं।
चुनाव में जीत
2026 के विधानसभा चुनाव में कलिता माझी ने बीजेपी के टिकट पर ऑसग्राम सीट से चुनाव लड़ा। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार श्यामा प्रसन्ना लाहौर को 12,535 वोटों के अंतर से हराया। कलिता को कुल 1,07,692 वोट मिले। वे घर-घर जाकर लोगों से मिलतीं और अपना काम बतातीं। उनकी मेहनत का नतीजा रहा कि जनता ने उन्हें भरोसा दिया।
2021 में भी बीजेपी का समर्थन
कलिता पर बीजेपी ने 2021 के विधानसभा चुनाव में भी भरोसा जताया था। उस समय उन्होंने करीब 41 प्रतिशत वोट हासिल किए थे, लेकिन करीब 12,000 वोटों के अंतर से हार गई थीं। फिर भी पार्टी ने उन्हें फिर से मौका दिया और इस बार वे जीत गईं। कलिता माझी की कहानी दिखाती है कि लंबे समय की मेहनत और स्थानीय स्तर पर काम करने से आम आदमी भी बड़ी जिम्मेदारी तक पहुंच सकता है।
कोलकाता रेप पीड़िता की मां भी बनी विधायक
गौरतलब है कि कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज की पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ को भाजपा ने पानीहाटी सीट से चुनावी मैदान में उतरी। उन्होंने टीएमसी का मजबूत गढ़ माने जाने वाले उत्तर 24 परगना जिले के पानीहाटी विधानसभा सीट से 28,836 मतों के अंतर से टीएमसी के तीर्थांकर घोष को हराया।
इसी तरह से भाजपा ने टीएमसी के अत्याचार से एक और पीड़ित को जन प्रतिनिधि बनाया। इसी क्रम में संदेशखाली की पीड़िता रेखा पात्रा बशीरहाट लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में उतारा था। हालांकि, वो हार गई थीं।

















