पश्चिम बंगाल

West Bengal election result: आरजी कर पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ पानीहाटी से आगे चल रही हैं

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में पानीहाटी सीट पर आरजी कर रेप-मर्डर मामले की पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ भाजपा उम्मीदवार हैं। टीएमसी के तीर्थांकर घोष के खिलाफ चुनाव लड़ रही रत्ना ने बेटी की याद और महिलाओं की सुरक्षा को मुद्दा बनाया है।

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कुलदीप सिंह

पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव 2026 में आरजी कर रेप-मर्डर मामले की पीड़िता की मां और भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ उत्तर 24 परगना जिले की पानीहाटी विधानसभा सीट पर अभी आगे चल रही हैं। यह सीट इस बार काफी ध्यान खींच रही है।

रत्ना देबनाथ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के उम्मीदवार तीर्थांकर घोष के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं। तीर्थांकर घोष पांच बार के विधायक के बेटे हैं। पानीहाटी पानीहाटी नगरपालिका के वार्ड 1 से 14, 16, 17 और 22 को शामिल करती है। यह दमदम लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है।

सीट की अहमियत

पानीहाटी में भाजपा और टीएमसी दोनों ने खूब प्रचार किया। इलाके में कैंपेनिंग काफी जोर-शोर से हुई। रत्ना देबनाथ ने अपनी उम्मीदवारी अपनी बेटी की याद और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर रखी है। उन्होंने पहले कहा था, “मैं इस चुनाव में अपनी बेटी के लिए और उन महिलाओं के लिए लड़ रही हूं जिनकी सुरक्षा टीएमसी सरकार में खतरे में है। ममता बनर्जी और उनकी पार्टी के भ्रष्ट नेता मेरी बेटी की मौत के जिम्मेदार हैं।”

रत्ना ने आगे कहा कि लोग उन्हें वोट मांगने पर स्वागत करते हैं और समर्थन का भरोसा देते हैं। उन्होंने कहा, “मैंने अपनी बेटी खो दी, लेकिन लोगों की सेवा करना चाहती हूं और उनकी मदद करना चाहती हूं। मैं डॉक्टर नहीं हूं जैसी वो थी, लेकिन एक प्रतिनिधि के रूप में मैं उसका मिशन जारी रखना चाहती हूं।”

क्या है पूरा मामला

आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 2024 में हुई एक 31 वर्षीय पोस्टग्रेजुएट डॉक्टर की रेप और हत्या के मामले ने पूरे देश में बड़े आंदोलन पैदा किए थे। इस घटना के बाद महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे। रत्ना देबनाथ पहले राजनीति से दूर रहीं, लेकिन अब भाजपा के टिकट पर पानीहाटी से मैदान में हैं।

भाजपा ने मार्च 2026 में अपनी तीसरी लिस्ट में रत्ना देबनाथ को पानीहाटी (विधानसभा सीट नंबर 111) से उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने अप्रैल में नामांकन दाखिल किया। पानीहाटी लंबे समय से टीएमसी का गढ़ रही है, लेकिन इस बार भाजपा इसे चुनौती दे रही है।

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