पश्चिम बंगाल में प्रथम चरण के 16 जिलों में 152 सीटों पर रिकॉर्ड तोड़ मतदान के बाद भाजपा और और तृणमूल कांग्रेस दोनों दलों के लिए दूसरे चरण का मतदान काफी महत्वपूर्ण हो गया है. प्रथम चरण के चुनाव में रिकॉर्ड मतदान के कारण भाजपा तृणमूल कांग्रेस पार्टी से काफी आगे निकल गई है, मगर भाजपा दूसरे चरण के लिए भी रणनीतिक और बड़ी तैयारी कर रही हैं वहीं सात जिलों के दूसरे चरण के चुनाव में 142 सीटों पर तृणमूल कांग्रेस पार्टी के लिए करो या मरो की लड़ाई बनती जा रही है.
तृणमूल कांग्रेस पार्टी के लिए दूसरे चरण का चुनाव अब आखिरी मौका के तोर पर देखा जा रहा है. उम्मीद की जा रही है कि प्रथम चरण की तरह ही जनता दूसरे चरण में भी बढ़-चढ़कर मतदान में हिस्सा लेगी और प्रथम चरण के मतदान के भी रिकॉर्ड को तोड़ेगी. दूसरे चरण में भी अधिक मतदान भाजपा के पक्ष में ही जाएगा, ऐसा अनुमान है.
दूसरे चरण में भाजपा और तृणमूल की स्थिति
विश्लेषकों के अनुसार भाजपा के लिए दूसरा चरण उतना मुफीद नहीं है, जितना पहला था मगर यह सत्य से कोसो दूर है. विगत 2021 के चुनाव में भाजपा इन 142 सीटों में 18 सीट जीत सकी थी. वहीं तृणमूल कांग्रेस पार्टी के लिए दूसरा चरण का चुनाव पहले चरण से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इस चरण में तृणमूल कांग्रेस ने 142 सीटों में 123 सीटों पर जीत दर्ज़ की थी. भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के अलावा एक सीट इंडियन सेक्युलर फ्रंट ने दक्षिण 24 परगना जिले की भांगर विधानसभा की सीट जीती थी.
भाजपा के प्रदर्शन में सुधार की संभावनाएं
मगर दूसरे चरण में भाजपा को कमजोर बताना सिक्के का केवल एक पहलू है. भाजपा के लिए दूसरे चरण के चुनाव में 2021 के अपेक्षा अपने प्रदर्शन में सुधार की पूरी संभावना और पर्याप्त राजनीतिक जमीन है. 2019 के लोकसभा चुनाव में जब भाजपा ने राज्य के 294 विधानसभा की सीटों में 121 विधानसभा की सीटों पर प्रथम पायदान पर आयी थी तब भाजपा ने दूसरे चरण के कूल 142 सीटों में 37 सीटों पर प्रथम पायदान पर रही थी. वहीं भाजपा 2019 के लोकसभा के चुनाव में 102 सीटों पर दूसरे पायदान पर रही थी.
दूसरे चरण के विधानसभा सीटों पर भाजपा बनाम तृणमूल का प्रदर्शन
| पार्टी | चुनाव | जीत /बढ़त | दुसरा पायदान | सीधा मुकाबला |
|---|---|---|---|---|
| तृका | 2019 लोस | 105 | 37 | 142 |
| भाजपा | 2019 लोस | 37 | 102 | 139 |
| तृका | 2021 विस् | 123 | 19 | 142 |
| भाजपा | 2021 विस् | 18 | 117 | 135 |
| तृका | 2024 लोस | 115 | 27 | 142 |
| भाजपा | 2024 लोस | 27 | 112 | 139 |
लोकसभा चुनावों के आधार पर भाजपा की रणनीति
2024 के लोकसभा के चुनाव में भाजपा 142 सीटों में 27 सीटों पर प्रथम पायदान पर रहने के साथ ही 112 सीटों पर दूसरे पायदान पर रही थी. 2019 और 2024 के दोनों लोकसभा के चुनावों ने इन 142 सीटों में कुल 139 सीटों पर सीधे मुकाबले में थी. अतएव भाजपा इस चुनाव में 2019 और 2024 के प्रदर्शन के आधार पर अपनी सीटों में गुणात्मक वृद्धि की उम्मीद करने की दिशा में अग्रसर है. भाजपा को दूसरे चरण में हल्के से लेना जमीनी राजनितिक परिदृश्य से मुँह मोड़ना जैसा है.
तृणमूल कांग्रेस के लिए अहम चुनौती
दुसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस पार्टी के लिए दूसरा चरण ही असल और महत्वपूर्ण चरण है. तृणमूल कांग्रेस 2019 के लोकसभा के चुनाव में 105 सीटों और 2024 में 115 सीटों पर प्रथम पायदान पर रही थी. 2019 और 2024 के लोकसभा के चुनावों दोनों में तृणमूल कांग्रेस सभी 142 सीटों पर सीधे मुकाबले में रही थी.
2021 विधानसभा चुनाव और वर्तमान परिदृश्य
अगर 2021 के विधानसभा चुनाव में दूसरे चरण के 142 सीटों की चर्चा करे तो तृणमूल कांग्रेस ने 2021 में 123 सीटों पर जीत दर्ज़ करने के साथ ही शेष 19 सीटों पर दूसरे पायदान पर रहते हुए सभी सीटों पर सीधे मुकाबले में रही थी. भाजपा 2021 के विधानसभा चुनाव में 18 सीट जीतने के साथ ही 117 सीटों पर दूसरे पायदान पर रही थी. अतएव भाजपा कुल 135 सीटों पर 2021 में सीधे मुकाबले में रही थी.
2016 से अब तक का राजनीतिक बदलाव
2016 के विधानसभा के चुनाव में जब भाजपा राज्य की राजनीती में पूर्णतः हासिये पर खड़ी थी तब तृणमूल कांग्रेस पार्टी ने इन 142 सीटों मर 125 सीटों पर जीत दर्ज़ की थी. वहीं 2015 में कांग्रेस पार्टी आठ और माकपा ने नौ सीटों पर जीत दर्ज़ की थी. मगर 2019 के बाद से भाजपा ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में पहले वाम दलों और कांग्रेस को किनारे किया और अब भाजपा, ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस पार्टी को वैसे ही किनारे करने की स्थिति में है जैसे कि 2017 में उसने उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी को किया था।

















