स्मृति दिवस: 22 अप्रैल 2025 का पहलगाम आतंकी हमला
August 22, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम रक्षा

स्मृति दिवस: 22 अप्रैल 2025 का पहलगाम आतंकी हमला

पहलगाम आतंकी हमले (22 अप्रैल 2025) ने भारत को झकझोर दिया। जानिए कैसे इस कायरतापूर्ण हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान को करारा जवाब दिया और आतंकवाद के प्रति अपनी नई जीरो टॉलरेंस नीति स्थापित की।

Written byलेफ्टिनेंट जनरल एम के दास,पीवीएसएम, बार टू एसएम, वीएसएम ( सेवानिवृत)लेफ्टिनेंट जनरल एम के दास,पीवीएसएम, बार टू एसएम, वीएसएम ( सेवानिवृत) — edited by कुलदीप सिंह
Apr 22, 2026, 09:18 am IST
inरक्षा, विश्लेषण
प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

भारत ने स्वतंत्रता प्राप्त करने के तुरंत बाद विभिन्न प्रकार के आतंकवाद के अभिशाप से पीड़ित रहा है चाहे वह सशस्त्र हस्तक्षेप हो, उग्रवाद हो या नक्सलवाद हो। अक्टूबर 1947 में कबालियों की आड़ में पाकिस्तान द्वारा जम्मू और कश्मीर में सशस्त्र हस्तक्षेप पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की शुरुआत थी और भारत ने पिछले सात दशकों में विभिन्न प्रकार के सशस्त्र संघर्ष का सामना किया है।

हर बड़े आतंकी हमले ने हमारी सरकार, नीति निर्माताओं, सुरक्षा विश्लेषकों और सुरक्षा बलों को कुछ महत्वपूर्ण सबक सिखाए हैं। लेकिन पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी हमले ने भारतीय अंतरात्मा को हिलाकर रख दिया, जैसा पहले कभी नहीं हुआ था। 22 अप्रैल 2025 को, पहलगाम में बैसरन की हरी भरी वादियों में एक कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले में 25 पर्यटक और एक स्थानीय टट्टू सवार ऑपरेटर को मौत के घाट उतार दिया गया। पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन और लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के एक प्रॉक्सी द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) के तीन हथियारबंद आतंकवादियों ने चुनिंदा रूप से हिंदू पर्यटकों को निशाना बनाया और उनकी हत्या कर दी।

हिन्दुओं को धर्म पूछकर मारा था

निर्दोष पर्यटकों की हत्या पर आक्रोश और वह भी उनके हिंदू धर्म की पहचान करने के बाद कुछ ऐसा हुआ जो भारत में पहले कभी नहीं हुआ था। आतंकवाद के इस बर्बर कृत्य की निंदा के बाद तत्काल और स्वतः स्फूर्त राष्ट्रव्यापी विरोध और प्रदर्शन हुए। जम्मू-कश्मीर की सड़कों पर भी पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में शामिल होते देखना एक अलग नजारा था। यहां तक कि पाकिस्तान ने भी आतंकवाद के खिलाफ भारतीय गुस्से की गंभीरता को नहीं आंका होगा, खासकर कश्मीर घाटी के लोगों से।

पहलगाम आतंकी हमले की पृष्ठभूमि पिछले साल अप्रैल में हुई दो बड़ी घटनाओं से तैयार हुई। पहला मामला तहव्वुर हुसैन राणा का पिछले साल 10 अप्रैल को अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया जाना था। राणा 26/11 के मुंबई आतंकी हमले का मुख्य आरोपी और सह-साजिशकर्ता है। 26/11 के मुंबई आतंकी हमलों में 26-29 नवंबर 2008 के बीच 166 लोगों की मौत हो गई थी और 300 से अधिक घायल हुए थे। ये हमले लश्कर-ए-तैयबा के 10 सदस्यीय आतंकी दल ने किए थे।  चूंकि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के तहत भारत ने तब पाकिस्तान के खिलाफ कोई आक्रामक कार्रवाई नहीं की थी, इसलिए वर्तमान पाक सैन्य नेतृत्व को भी भारत से इसी तरह की मौन प्रतिक्रिया की उम्मीद थी।

इसे भी पढ़ें: दिल्ली में 26/11 जैसी आतंकी साजिश नाकाम, दिल्ली पुलिस ने ISI प्रॉक्सी शहजाद भट्टी के दो गुर्गे गिरफ्तार किए

दूसरा बड़ा संकेतक 16 अप्रैल 25 को इस्लामाबाद से इस्लाम और कश्मीर पर पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के बयान के रूप में आया, जो प्रवासी पाकिस्तानी सम्मेलन को संबोधित करते हुए दिया गया था। उनके भाषण का मुख्य विषय ‘भारत पर श्रेष्ठ इस्लामी विचारधारा और संस्कृति’ पर जोर देना था। एक महत्वाकांक्षी व्यक्ति जो पाकिस्तान में सत्ता संरचना पर मजबूत पकड़ चाहता था, जनरल मुनीर ने भारत के खिलाफ एक और आतंकवादी हमले का सोच-समझकर जोखिम उठाया। लेकिन इस बार उन्होंने पीएम मोदी के नेतृत्व में पाकिस्तान को दंडित करने के लिए पूरी तरह से एकजुट 140 करोड़ भारतीयों के दृढ़ संकल्प को पूरी तरह से गलत आंका।

पाकिस्तान की हरकत और ऑपरेशन सिंदूर

भारत ने पिछले साल 7-10 मई तक ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को निर्णायक रूप से दंडित किया । शुरुआत में भारत ने सटीक हमलों के साथ पाकिस्तान के अंदर नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया। जब पाकिस्तान ने संघर्ष को बढ़ाने की कोशिश की, तो भारत ने पाकिस्तान द्वारा युद्ध छेड़ने वाली पूरी मशीनरी को नष्ट कर दिया। अपने सैन्य करियर के दौरान, मैंने कई बार पाकिस्तान सीमा और नियंत्रण रेखा पर सेवा की है। लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा जिस प्रकार का प्रतिशोध लिया गया वह अद्वितीय है। भारत का आक्रमण इतना गंभीर था कि पाकिस्तान ने युद्धविराम की गुहार लगाई, जिसे भारत ने अपनी शर्तों पर 10 मई को स्वीकार कर लिया।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद, भारत ने अपनी धरती पर भविष्य में किसी भी आतंकवादी गतिविधि के लिए अपनी प्रतिक्रिया में एक बड़े बदलाव का संकेत दिया। भारत ने ‘आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस’ की अपनी नीति में बदलाव किया है। भारत ने अब स्पष्ट किया है कि राज्येतर तत्वों द्वारा आतंकवाद के किसी भी कृत्य को प्रायोजक राज्य की ओर से युद्ध की कार्रवाई के रूप में माना जाएगा। आतंकवाद के खिलाफ इस ‘न्यू नॉर्मल’ को अब जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। पिछले साल 28 जुलाई को पहलगाम आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार तीन आतंकवादियों का मार गिराया जाना हमारे नए संकल्प का सिर्फ एक उदाहरण है।

दुश्मन का परमाणु ब्लैकमेल ध्वस्त

भारत ने दुश्मन के इलाके में सुदूर तक हमला करके पाकिस्तान के परमाणु ब्लैकमेल को भी खत्म कर दिया। पारंपरिक युद्ध के मोर्चे पर, भारत ने पाकिस्तान द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे चीनी सैन्य हार्डवेयर को हराने के लिए स्वदेशी रक्षा तकनीक को सफलतापूर्वक अपनाया। भारत ने ब्रह्मोस की घातकता को भी दुनिया के सामने दिखा दिया है। भारत ने तेजी से यूएवी की एक श्रृंखला विकसित की है और वायु रक्षा कवर को और मजबूत किया है। भारतीय सेना ने भैरव बटालियनों के रूप में एक प्रभावी आक्रामक लड़ाकू बल का गठन किया है। भारत अब पाकिस्तान की ओर से किसी भी चुनौती और सुरक्षा खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीयों ने एकजुट रहकर बलिदान हुए नायकों को सच्ची द्धांजलि दी है। भारतीय नागरिकों द्वारा पूरे समर्पण के साथ पूरे भारत में नागरिक सुरक्षा अभ्यास किए गए। नागरिकों में सुरक्षा चेतना का एक नया स्तर आया है। जम्मू-कश्मीर में पर्यटन का पुनरुद्धार हमारे राष्ट्रीय संकल्प का एक और सकारात्मक संकेत है।  भारतीयों को सुरक्षा के प्रति ‘संपूर्ण राष्ट्र दृष्टिकोण’ के महत्व का एहसास हुआ है। दूसरी तरफ पाकिस्तान आर्थिक संकट में और फिसल गया है और लगभग एक असफल देश है। भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया है और पाकिस्तान को इस गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हम भारतीयों को किसी भी विचारधारा को नीचा दिखाने की जरूरत नहीं है क्योंकि भारत एक प्राचीन सभ्यता वाला विशाल देश है। पहलगाम आतंकी हमले के वीरगति प्राप्त नायकों को श्रद्धांजलि देने में मैं एक कृतज्ञ राष्ट्र के साथ शामिल हूं। उनकी पवित्र आत्मा को शांति मिली होगी कि उनके बलिदान ने भारत नामक विशाल राष्ट्र को जागृत किया है। जय भारत!

Topics: पाकिस्तान प्रायोजित आतंकपहलगाम आतंकी हमलाPahalgam Terror Attackऑपरेशन सिंदूरOperation SindoorPakistan sponsored terrorismपहलगाम आतंकी हमला बरसीPahalgam Terror Attack Anniversary
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

Ajeet doval on BSF

ऑपरेशन सिंदूर: अजीत डोभाल का बड़ा खुलासा, PM मोदी का आदेश था-आतंकियों को पाताल में भी नहीं छोड़ेंगे

AI generated image

पहलगाम हमले के बाद भारत का सख्त एक्शन, सिंधु जल संधि पर लिया बड़ा फैसला

Indian army

POJK में की गई बर्बरता को छिपाने के लिए पाकिस्तान ने चली नई चाल, LoC पर की भारी गोलीबारी

अभेद्य होगा रण प्रदेश

पहलगाम आतंकी हमला: NIA ने लश्कर चीफ हाफिज सईद के खिलाफ जारी किया गैर जमानती वारंट

रक्षा क्षेत्र : ब्रह्मोस बनी कूटनीतिक ब्रह्मास्त्र

Load More

ताज़ा समाचार

रॉबर्ट वाड्रा (फाइल फोटो)

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ सुनवाई 23 सितंबर को

जनसांख्यिकी परिवर्तन (चित्र प्रतीकात्मक)

यूरोप का जनसांख्यिकीय चौराहा: आंकड़ों के पीछे छिपता जनसांख्यिकीय परिवर्तन

कोर्ट का फैसला (प्रतीकात्मक चित्र)

हिमाचल: कांग्रेस सरकार ने विश्वविद्यालय से जुड़े मामले पर नहीं बुलाई बैठक,  हाईकोर्ट ने लगाई फटकार, 5 लाख का जुर्माना

झारखंड में छात्रों का प्रदर्शन

‘कपड़े फाड़े, दुपट्टा खींचा’, झारखंड में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाली छात्राओं का पुलिस पर गंभीर आरोप

Rahul Gandhi

पुणे में राहुल गांधी के कार्यक्रम में छात्रों को पैसे बांटने का आरोप, मुख्यमंत्री ने कहा-छानबीन की जाएगी

बहुआयामी वीर सावरकर

बहुआयामी वीर सावरकर की लिपि-दृष्टि

अमित शाह, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री

‘चिकन नेक’ की सुरक्षा को लेकर गृहमंत्री अमित शाह ने की बैठक, घुसपैठ रोकने काे बनेगा त्रिस्तरीय सुरक्षा तंत्र

पूज्य सतगुरु लाल दास महाराज के 51वाँ निर्वाण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

संतों का मार्गदर्शन धर्म, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा, देवभूमि की पवित्रता बनाए रखना प्राथमिकता : सीएम धामी

सज्जन कुमार (फाइल फोटो)

मौत से मिट नहीं जाता गुनाह का न्यायिक इतिहास!

Paper Leak से Power Surplus तक… भजनलाल सरकार ने कितना बदला राजस्थान?- Mehraj Singh Choudhary

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies