हाल ही में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आईएसआईएस आतंकी संगठन से प्रभावित चार आतंकियों को गिरफ्तार किया था। अब इन चारों से पूछताछ के बाद इस्लामिक स्टेट के 10 औऱ ऐसे आतंकियों की जानकारी का खुलासा हुआ है, जो कि देश को दहलाने की तैयारी में हैं।
अलग-अलग राज्यों से पकड़े गए थे चारों
इन चारों से पूछताछ और मोबाइल से ये जानकारी हासिल हुई है। इन चारों को पुलिस की टीम ने महाराष्ट्र, ओडिशा और बिहार से इन चारों को पकड़ा। गिरफ्तार किए गए लोगों के नाम हैं—मोसैब अहमद उर्फ सोनू उर्फ कलाम (ठाणे, महाराष्ट्र), मोहम्मद हम्माद (मुंबई), शेख इमरान (भुवनेश्वर, ओडिशा) और मोहम्मद सोहेल (कटिहार, बिहार)। ये लोग अलग-अलग जगहों से थे, लेकिन इंटरनेट पर एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म्स के जरिए जुड़े हुए थे। कुछ ग्रुप्स के एडमिन थे, तो कुछ मेंबर।
गजवा ए हिंद की थी तैयारी
ये लोग युवाओं को ऑनलाइन तरीके से प्रभावित कर रहे थे और उन्हें उग्र विचारधारा की तरफ ले जाने की कोशिश कर रहे थे। बिना किसी विदेशी हैंडलर के निर्देश के ये काम कर रहे थे। उनका मकसद था भारत में “खिलाफत” कायम करना और “गजवा-ए-हिंद” में हिस्सा लेना। इसके लिए वे राम मंदिर, संसद भवन और सैन्य ठिकानों जैसी जगहों पर हमले की योजना बना रहे थे।
दो गिरफ्तार लोगों ने लोकल स्रोतों से रिमोट कंट्रोल्ड आईईडी बनाने की सामग्री जुटाने की कोशिश की थी। एक ने दूसरों को हथियार और विस्फोटक इकट्ठा करने के लिए कहा था। पुलिस को एक के पास आईईडी बनाने का सामान भी मिला। स्पेशल सेल के एक अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई पिछले कुछ सालों से भारत को अस्थिर करने में पूरी तरह लगी हुई है। इस मॉड्यूल का पता चारों की पूछताछ और उनके मोबाइल की जांच से चला।
दस अन्य लोगों की हो रही तलाश
अभी बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और ओडिशा में इन दस अन्य लोगों की तलाश जारी है। ये सब इंटरनेट ग्रुप्स के जरिए एक-दूसरे से जुड़े थे और युवाओं को भर्ती करने का काम कर रहे थे। दिल्ली-एनसीआर और पंजाब में पिछले एक महीने में आईएसआई और पाकिस्तानी हैंडलर्स से जुड़े जासूसी के मामले में 32 से ज्यादा युवाओं को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें सोलर आधारित सीसीटीवी फुटेज पाकिस्तान भेजने जैसे काम शामिल थे। केंद्र की एजेंसियां और एनसीआर पुलिस अब इंटरनेट मीडिया पर ज्यादा नजर रख रही हैं।












