लखनऊ (हि.स.) । उत्तर प्रदेश की आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों एक व्हाट्सएप ग्रुप ‘रिवाईविंग इस्लाम’ से जुड़े थे। इस ग्रुप के तीन एडमिन और कई पाकिस्तानी बतौर सदस्य के रूप में जुड़े हुए थे।
गजवा-ए-हिंद की साजिश
एटीएस के अनुसार, दोनों आरोपित मुस्लिम युवकों को देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए भड़काया जा रहा था।
यह ग्रुप भारत में गजवा-ए-हिंद करके शरिया कानून लागू करने की योजना बना रहा था। इस ग्रुप से यूपी के अमरोहा निवासी अजमल अली का नंबर भी जुड़ा पाया गया।
अमरोहा से मिली अहम कड़ी
एटीएस ने अमरोहा के थाना नौगवां सादात के ग्राम देहरा निवासी अजमल अली को बीते दिनों हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ में उसने स्वीकारा कि वह इस ग्रुप से जुड़ा था और सोशल मीडिया के जरिए कई पाकिस्तानियों के संपर्क में था।
उसने बताया कि उसकी बातचीत महाराष्ट्र के बदलापुर पश्चिमी निवासी डॉ. उसामा माज शेख से इंस्टाग्राम और सिग्नल ऐप के जरिए होती थी।
महाराष्ट्र से भी गिरफ्तारी
व्हाट्सएप ग्रुप में भारत की सरकार गिराने और शरिया कानून लागू करने जैसे देश विरोधी संदेश साझा किए जाते थे।
पूछताछ के आधार पर एटीएस ने महाराष्ट्र एटीएस और थाणे पुलिस के सहयोग से डॉ. उसामा को सोमवार को गिरफ्तार किया।
उसे ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया जा रहा है।
अधिकारियों का बयान
इस संबंध में उत्तर प्रदेश के लॉ एंड ऑर्डर के एडीजी अमिताभ यश ने बताया कि देश विरोधी गतिविधियों में शामिल दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों को अदालत में पेश किया जाएगा और उनसे गहन पूछताछ के लिए कस्टडी रिमांड ली जाएगी।












