पश्चिम बंगाल के प्रथम चरण के चुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस पार्टी और भारतीय जनता पार्टी दोनों दल जोरशोर से चुनाव प्रचार में लगे हुए हैं। प्रथम चरण में 16 जिलों में फैले 152 सीटों पर विधानसभा का चुनाव हैं। यह भाजपा के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इन 152 विधानसभा की सीटों पर भाजपा ने 2021 में अपने कुल 77 सीटों में से 59 सीटें इसी इलाके से जीती थीं। जो उसकी सीटों का 77 प्रतिशत सीट था। भाजपा 59 सीटों पर जीतने के साथ ही 84 सीटों पर दूसरे पायदान पर रही थी। अतएव भाजपा का प्रथम चरण की कुल 152 सीटों में से 143 सीटों पर सीधा मुकाबला था।
नंदीग्राम पर नजर
भाजपा के लिए 2021 में सबसे प्रमुख सीटों में से एक नंदीग्राम सीट भी प्रथम चरण में ही, जहाँ भाजपा के सुवेंदु अधिकारी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चुनाव में शिकस्त दी थी। नंदीग्राम विधानसभा सीट पर भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस पार्टी को 1956 वोटों से हराया था, मगर 2024 के लोकसभा के चुनाव में इस सीट पर भाजपा का तृणमूल कांग्रेस पार्टी पर बढ़त चार गुना से भी अधिक 8200 वोटों का हो गया था। इस कारण भी भाजपा की इस इलाके और प्रथम चरण के चुनाव से उम्मीदे बढ़ गई हैं।
गठबंधन के बाद भी दूसरे स्थान पर रही टीएमसी
वहीं तृणमूल कांग्रेस पार्टी ने अपने सहयोगी गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (टी) के साथ मिलकर 93 सीटों पर जीत दर्ज़ की थी। तृणमूल कांग्रेस पार्टी 58 सीटों पर अपने सहयोगी के साथ दूसरे पायदान पर रही थी। अन्य दलों में कांग्रेस पार्टी छह सीटों पर, माकपा तीन सीटों पर और तृणमूल कांग्रेस पार्टी की सहयोगी गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (टी) दो सीटों पर दूसरे पायदान पर रही थी।
2021 के विधानसभा के चुनाव में प्रथम चरण के सभी सीटों पर तृणमूल कांग्रेस पार्टी ने खुद के द्वारा जीती गई 92 सीटों में 83 सीटों पर भाजपा को, कांग्रेस पार्टी को पांच सीटों पर, तीन सीटों पर माकपा और एक सीट पर भाजपा की सहयोगी आल झारखण्ड स्टूडेंट्स यूनियन को चुनाव में हराया था। तृणमूल कांग्रेस पार्टी द्वारा जीते गए सीटों में तीन सीट दांतण, तमलुक और जलपाईगुड़ी सीटों पर जीत का अंतर एक हज़ार से कम मतों का था। वहीं नौ सीटों पर तृणमूल कांग्रेस पार्टी के जीत का अंतर एक हज़ार से पांच हज़ार मतों के बीच का था। तृणमूल कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रथम चरण में जीती गई 92 सीटों में एक चौथाई 23 सीटों पर पार्टी के जीत का अंतर दस हज़ार से कम मतों का था। इन सीटों पर भाजपा की नज़र है। तृणमूल कांग्रेस की सहयोगी दल गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (टी) द्वारा जीती गई सीट कलिम्पोंग में जीत का अंतर 3870 मतों का था जिस पर भी भाजपा की नज़र है।
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लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी द्वारा पश्चिम बंगाल में बढ़त बनाये गए सभी ग्यारह विधानसभा की सीट और माकपा द्वारा बढ़त बनाया गया एकमात्र सीट प्रथम चरण में ही है। अतएव इन दलों की भी आशा इस चरण से लगी हुई है।
















