पश्चिम बंगाल कोयला तस्करी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय लगातार एक्शन में है। इसी क्रम में केंद्रीय एजेंसी ने कोलकाता के डीसीपी शांतनु विस्वास के घर पर छापा मारा है। यह कोयला तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में हुआ है।
क्या हुआ?
19 अप्रैल 2026 को सुबह ईडी की टीम ने कोलकाता में छापेमारी की। इसमें कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास के दो ठिकानों पर सर्च चल रही है। साथ ही बिजनेसमैन जय कामदार (जॉय कामदार) के एक ठिकाने पर भी टीम पहुंची।शांतनु सिन्हा बिस्वास पहले ही इस केस में पूछताछ के लिए ईडी के सामने पेश हो चुके थे। आज का छापा उसी जांच का हिस्सा है। जय कामदार के घर पर टीम जब पहुंची तो दरवाजा बंद था। अंदर कुत्ता था, इसलिए टीम को करीब 40 मिनट बाहर इंतजार करना पड़ा।
इसे भी पढ़ें: पंजाब में आतंकी पन्नू ने 50 हजार का लालच दे करवाया था अम्बेडकर की प्रतिमा का अपमान, तीन गिरफ्तार
क्या है मामला
यह पूरा मामला पश्चिम बंगाल के कोयला तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। कोयला सिंडिकेट के जरिए अवैध तरीके से कोयला खोदना, लाना और बेचना शामिल है। इसमें फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल और वसूली भी बताई जाती है। ईडी ने पहले इस केस में कई जगहों पर छापे मारे थे और कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया है।
शांतनु सिन्हा बिस्वास का नाम कोयला तस्करी की जांच में सामने आया था। इसी आधार पर ईडी आगे की कार्रवाई कर रही है। अभी छापे चल रहे हैं, इसलिए कोई जब्ती या नई डिटेल्स सामने नहीं आई हैं।

















