दिल्ली हाई कोर्ट में आबकारी घोटाला मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ सोशल मीडिया पर एक सुनियोजित अभियान चलने का आरोप सीबीआई ने लगाया है।
सीबीआई ने कोर्ट में कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके समर्थकों के इशारे पर जज के खिलाफ जानबूझकर बदनाम करने वाली पोस्ट और खबरें फैलाई जा रही हैं। एजेंसी का कहना है कि यह अभियान जज पर दबाव बनाने के लिए चलाया जा रहा है, ताकि वे खुद को इस मामले से अलग कर लें।
क्या है पूरा मामला
आबकारी नीति घोटाले से जुड़ी सीबीआई की अपील पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही है। अरविंद केजरीवाल ने कोर्ट में एक अर्जी दायर कर न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को इस केस से अलग करने की मांग की थी। उनके हलफनामे में जज के बच्चों के सरकारी पैनल में काम करने का जिक्र किया गया था।
13 अप्रैल को कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था और लिखित जवाब दाखिल करने को कहा था। गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए केजरीवाल पेश हुए। कोर्ट ने उनके अतिरिक्त हलफनामे को रिकॉर्ड पर ले लिया, लेकिन साफ कहा कि इसका मतलब आगे सुनवाई नहीं होगी।
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सीबीआई का क्या कहना है
सीबीआई ने केजरीवाल के हलफनामे को गलत मिसाल बताया। एजेंसी के मुताबिक, जज के बच्चों को सरकारी पैनल में मिले काम को लेकर मनगढ़ंत आरोप लगाए जा रहे हैं और इन्हें सोशल मीडिया पर तेजी से फैलाया जा रहा है। सीबीआई का तर्क है कि अगर जज के रिश्तेदारों के सरकारी पैनल में होने की वजह से उन्हें केस से अलग किया जाने लगा, तो पूरे देश के जजों पर असर पड़ेगा। छोटे-बड़े सभी जज, जिनके परिवार के सदस्य केंद्र सरकार, राज्य सरकार या सार्वजनिक उपक्रमों के पैनल में हैं, ऐसे मामलों की सुनवाई नहीं कर पाएंगे। इससे न्याय व्यवस्था पर गलत असर पड़ेगा।
एजेंसी ने कहा कि यह अभियान अनैतिक और अराजक है। जज पर दबाव डालने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जा रहा है। अगर जज खुद को केस से अलग कर लेती हैं, तो यह एक खराब मिसाल बनेगी। सीबीआई ने न्यायपालिका के हित में ऐसी गतिविधियों को जड़ से खत्म करने की अपील की।
सोशल मीडिया अभियान का आरोप
सीबीआई ने साफ कहा कि जज स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ इंटरनेट पर अपमानजनक और गलत जानकारी फैलाई जा रही है। यह अभियान आम आदमी पार्टी से जुड़े लोगों के निर्देश पर चल रहा है। एजेंसी का मानना है कि इसका मकसद सिर्फ जज को इस केस से हटाना है।

















