रामायणकालीन विरासत का होगा संरक्षण : अयोध्या में 84 कोसी परिक्रमा के 41 तीर्थों का होगा कायाकल्प
August 24, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

रामायणकालीन विरासत का होगा संरक्षण : अयोध्या में 84 कोसी परिक्रमा के 41 तीर्थों का होगा कायाकल्प

योगी सरकार अयोध्या में रामायण कालीन 41 तीर्थों के विकास की तैयारी में। 84 कोसी परिक्रमा क्षेत्र को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर धार्मिक पर्यटन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा बढ़ावा।

Written byएजेंसीएजेंसी — edited by Shivam Dixit
Apr 8, 2026, 09:24 pm IST
inभारत, उत्तर प्रदेश

अयोध्या (हि.स.) । रामायण की पावन भूमि अयोध्या अब अपने प्राचीन गौरव को पुनः प्राप्त करने की राह पर हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के तहत रामायण कालीन 41 पौराणिक तीर्थों के संरक्षण और कायाकल्प की व्यापक तैयारी चल रही है। इसके अंतर्गत 84 कोसी परिक्रमा क्षेत्र को चार जिलों अयोध्या, गोंडा, बस्ती और अंबेडकरनगर के प्राचीन तीर्थ स्थलों को जोड़ते हुए विकसित किया जाएगा। यह पहल न केवल धार्मिक महत्व को बढ़ाएगी बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती भी प्रदान करेगी।

प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि सरकार का लक्ष्य है कि श्रद्धालु रामायण से जुड़े इन स्थलों पर पहुंचकर प्राचीन काल की स्मृतियों को महसूस कर सकें। सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है और चिह्नित स्थलों को पौराणिक स्वरूप में लौटाने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ग्रामीण अंचलों के इन प्राचीन तीर्थों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा, ताकि लाखों श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के इन पावन स्थलों का दर्शन कर सकें।

सीडीओ कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि योजना के तहत सभी तीर्थ स्थलों पर कुंडों का सौंदर्यीकरण, शेड, चेंजिंग रूम, पर्याप्त लाइटिंग और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। तीर्थों तक पहुंच को सुगम बनाने के लिए मार्गों को सुदृढ़ किया जाएगा। 14 प्रमुख कुंडों का विकास मनरेगा के माध्यम से कराया जाएगा, जबकि सड़क निर्माण, शेड निर्माण और विद्युत व्यवस्था के कार्य संबंधित विभागों द्वारा प्रस्तावित हैं। इस परियोजना में अंगी ऋषि आश्रम, वाल्मीकि आश्रम, विल्यहरि, त्रिपुरारी, पुण्यहरि, हनुमान कुंड दराबगंज, विभीषण कुंड, सुग्रीव कुंड, राम कुंड, सीता कुंड, दुग्धेश्वर कुंड, भैरव कुंड, तमसा नदी, प्रमोद वन लखनीपुर, श्रवण क्षेत्र बारुन, पाराशर आश्रम देवराकोट, व्यवन आश्रम कुंदुर्खाकला, गौतम आश्रम रुदौली, मानस तीर्थ, पिशाच मोचन, गया कुंड भरत कुंड, भरत कुंड, नंदीग्राम, कालिका देवी नंदीग्राम, जटा कुंड, शत्रुघ्न कुंड, अजित आश्रम, आस्तीक आश्रम आस्तीकन, रमणक स्थान पंडितपुर, घृताची कुंड और थरेरू जैसे दर्जनों महत्वपूर्ण स्थल शामिल हैं।

तीर्थों के विकास से स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार

यह विकास कार्य मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों पर केंद्रित है। रामायणकालीन विरासत का संरक्षण सिर्फ धार्मिक कार्य नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनरुत्थान और आर्थिक विकास का माध्यम भी है। इन तीर्थों के विकास से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। होटल, ढाबे, गाइड, हस्तशिल्प और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों की आय बढ़ेगी। ग्रामीण अंचलों में पर्यटन विकास से युवाओं का पलायन रुकेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

एक साथ कई स्थलों की यात्रा का मिलेगा अवसर

84 कोसी परिक्रमा मार्ग को विकसित करने से श्रद्धालुओं को एक साथ कई प्राचीन स्थलों की यात्रा करने का अवसर मिलेगा। वाल्मीकि आश्रम जहां राम-लक्ष्मण और सीता के वनवास की कथा जुड़ी है, वहीं विभीषण कुंड और सुग्रीव कुंड वानर सेना से संबंधित महत्वपूर्ण घटनाओं की याद दिलाते हैं। इन स्थलों को मूल स्वरूप में विकसित करने के लिए पुरातत्व विशेषज्ञों और स्थानीय संतों की सलाह ली जा रही है।

पर्याप्त रोशनी व सीसीटीवी निगरानी से सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत

मास्टर प्लान के तहत प्रत्येक स्थल का अलग-अलग विकास खाका तैयार किया गया है। कुंडों की खुदाई, घाट निर्माण, बाउंड्री वॉल, हरित क्षेत्र विकास और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पहुंच मार्गों को पक्का करने के साथ-साथ बस और ई-रिक्शा सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। रात के समय पर्याप्त रोशनी और सीसीटीवी निगरानी से सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी। अयोध्या विकास प्राधिकरण, पर्यटन विभाग, लोक निर्माण विभाग, पंचायती राज विभाग और मनरेगा के समन्वय से यह कार्य तेजी से पूरा किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण में 14 कुंडों का विकास मनरेगा के तहत शुरू हो चुका है। शेष कार्यों के लिए बजट आवंटन किया जा रहा है।

रामायण काल के प्रमाण करेंगे श्रद्धालुओं का स्वागत

यह परियोजना राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या को और व्यापक धार्मिक पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अयोध्या के ग्रामीण क्षेत्रों में बिखरे रामायण काल के प्रमाण अब आधुनिक सुविधाओं के साथ श्रद्धालुओं का स्वागत करेंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन तीर्थों के विकास से न केवल उनकी आस्था मजबूत होगी बल्कि आर्थिक रूप से भी वे सशक्त होंगे। अयोध्या अब सिर्फ राम मंदिर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे 84 कोसी क्षेत्र में फैली रामायण विरासत पूरे विश्व को आकर्षित करेगी। इस पहल से अयोध्या धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है। रामायण काल की पावन स्मृतियां अब आधुनिक युग में जीवंत रूप ले रही हैं, जो भक्तों के हृदय में नई ऊर्जा भरेंगी।

Topics: Ayodhya TourismAyodhya DevelopmentRamayan TeerthSpiritual Tourism IndiaAyodhya NewsYogi Adityanathram mandir ayodhya84 Kosi Parikramareligious tourism India.Uttar Pradesh development
एजेंसी
एजेंसी
हिंदुस्थान समाचार (प्रतिष्ठत समाचार एजेंसी) [Read more]
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

CM Yogi Adityanath Ghazipur Rally Public Meeting Speech Panchjanya

यूपी के छात्रों के लिए बड़ी खबर: अब हर महीने स्कूलों में क्लास लेंगे IAS-IPS अफसर, योगी सरकार ने जारी किया फरमान!

cm yogi adityanath

UP में साल 2017 से पहले भाई-भतीजों में उलझी सरकार के पास जनता के लिए समय नहीं था : याेगी आदित्यनाथ

प्रतीकात्मक तस्वीर

फेसबुक पर ‘सूरज’ बनकर की दोस्ती, बाद में निकला ‘मुन्ताज’; महिला ने लगाए जबरन निकाह, और धर्म परिवर्तन के गंभीर आरोप

Ayodhya Sant Mandal Meeting Maniram Das Chhawani Ram Mandir Champat Rai VHP Panchjanya

“राम मंदिर पर दुष्प्रचार बर्दाश्त नहीं”: अयोध्या में संतों का बड़ा फैसला, चम्पत राय व VHP के समर्थन में उतरे संत-महंत!

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास की बैठक सम्पन्न: जानिए दर्शन, पूजा, चढ़ावा और CEO चयन पर बड़ा अपडेट

CM Yogi

बाराबंकी में सीएम योगी का विपक्ष पर हमला, बोले- सपा-कांग्रेस से सतर्क रहेंगे तो सुरक्षित रहेंगे

Load More

ताज़ा समाचार

‘सिखों का नरसंहार करने वाला सज्जन कुमार, कांग्रेस का रोल मॉडल?’भड़के HS Phoolka

लखनऊ में छात्रों से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का संवाद, छात्रों को दी लोकतंत्र में भागीदारी की सीख

वंदे मातरम पर BJP का कांग्रेस को सीधा संदेश- ‘राष्ट्रगीत का सम्मान सर्वोपरि’, हरदा को भी सुनाई खरी-खरी

प्रतीकात्मक तस्वीर

रुद्रपुर में SIR बैठक के बाद हंगामा! BJP-कांग्रेस में तीखी नोकझोंक, कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठे भाजपा नेता

‘बच्चों के पास बहुत स्पेस है…’ आचार्य जी ने Parents को क्यों चेताया?

भारतीय संस्कृति और परिवार व्यवस्था : बदलते समय में हमारी जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

‘राष्ट्र निर्माण के यज्ञ में सतत आहुति दे रहा पाञ्चजन्य’

क्या दाहिनी कलाई पर राखी बांधने का है कोई खास कारण? जानिए धर्म से लेकर शरीर विज्ञान तक पूरी कहानी

Madhya Pradesh Weather: भारी बारिश का अलर्ट जारी, अगले 3 दिन तक रहेगा असर; अगले 24 घंटों के लिए चेतावनी

गुरुजांग में स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की जन्म शताब्दी समारोह का भव्य शुभारंभ…CM माझी ने की कई घोषणाएं

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies