ईरान में चल रहे युद्ध के बीच तेल और गैस की सप्लाई में थोड़ी दिक्कत अवश्य हुई, लेकिन केंद्र सरकार उससे लगातार निपट रही है। इस बीच सरकार की कोशिशों का असर ये हुआ है कि पिछले एक महीने में पूरे देश में 8 लाख नए पीएनजी कनेक्शन जोड़ दिए गए हैं। घरों और दुकानों में पाइप से आने वाली गैस का इस्तेमाल बढ़ाने और सिलिंडरों पर लोगों की निर्भरता कम करने के लिए लगातार काम चल रहा है।
नए कनेक्शनों में से करीब आधे घरेलू और कमर्शियल इस्तेमाल के लिए पहले ही चालू हो चुके हैं, बाकी वाले भी जल्दी ही सक्रिय होने वाले हैं।
सिलिंडर की कमी नहीं
दैनिक जागरण की रिपोर्ट्स के अनुसार, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी को भी गैस की कमी का डर नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि पिछले एक महीने में 50 लाख सिलिंडर की डिलीवरी हो चुकी है। इससे घरेलू मांग तो पूरी तरह पूरी हुई है, जबकि कमर्शियल मांग भी 80 प्रतिशत तक पूरी की जा चुकी है।
सरकार की इस मुहिम के बाद अब तक 16,000 से ज्यादा एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए गए हैं। जिन लोगों के पास पीएनजी का कनेक्शन आ गया है, वे अपना पुराना सिलिंडर कनेक्शन छोड़ रहे हैं। इससे पूरे सिस्टम पर बोझ कम हो रहा है।
इसे भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: 30,000 अतिरिक्त पुलिसकर्मी दूसरे राज्यों से क्यों बुलाए गए?
पेट्रोलियम और कुकिंग गैस का है पर्याप्त स्टॉक
अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पादों और कुकिंग गैस का स्टॉक पर्याप्त है। इसे लगातार भरा भी जा रहा है। अधिकारी ने कहा, “हमने एक महीने से ज्यादा समय से अच्छा काम किया है। जहां भी जरूरत पड़ रही है, वहां से सप्लाई का इंतजाम कर रहे हैं और आयात भी कर रहे हैं।”
जो लोग अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना चाहते हैं, वे एक तय पोर्टल पर अपनी जानकारी दे सकते हैं। इस पोर्टल पर एक ‘हॉल ऑफ फेम’ भी बनाया गया है, जहां उन लोगों को सम्मान दिया जाता है जो अपनी मर्जी से कनेक्शन छोड़ रहे हैं।
ऑनलाइन सिलिंडर बुकिंग बढ़कर 95% हुई
सरकार ने लोगों से अपील की है कि जहां संभव हो, वे इंडक्शन या इलेक्ट्रिक कुकटॉप जैसे दूसरे विकल्पों का इस्तेमाल करें। इस दौरान ऑनलाइन सिलिंडर बुकिंग बढ़कर 95 प्रतिशत हो गई है। डिस्ट्रीब्यूटर स्तर पर हेराफेरी रोकने के लिए ऑथेंटिकेशन कोड आधारित डिलीवरी भी काफी बढ़ गई है। फरवरी में यह सिर्फ 53 प्रतिशत थी, जो अब 90 प्रतिशत पहुंच चुकी है।
प्रवासियों के लिए अलग व्यवस्था
जिन लोगों के पास नियमित एलपीजी कनेक्शन नहीं है, खासकर प्रवासी मजदूरों और परिवारों की मदद के लिए तेल कंपनियों ने 23 मार्च से अब तक करीब 6.6 लाख पोर्टेबल 5 किलो के सिलिंडर बेचे हैं। इनमें से सिर्फ शनिवार को ही 90,000 सिलिंडर बिके। यह आंकड़ा युद्ध से पहले के रोजाना औसत (70-75 हजार) से ज्यादा है। सरकार को उम्मीद है कि इन कदमों से उन उद्योगों तक कच्चे माल की सप्लाई भी बेहतर हो सकेगी, जो अभी कमी का सामना कर रहे हैं।

















