तेलंगाना के हनमकोंडा जिले से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक गर्भवती महिला और उसकी दो मासूम बेटियों के शव एक निजी स्विमिंग पूल में तैरते हुए मिले। पुन्नोल गांव के बाहरी इलाके में हुई इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। मृतका के पिता ने अपने दामाद मोहम्मद अजहरुद्दीन पर सोची-समझी साजिश के तहत हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है।
दरअसल, हनमकोंडा जिले के पुन्नोल गांव के पास एक प्राइवेट लेआउट में बने स्विमिंग पूल में 26 वर्षीय फरहाना और उसकी दो बेटियों, उमेरा (9 साल) और आयशा (5 साल) के शव बरामद हुए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पति ने हादसा बताने की कोशिश की
मृतका के पिता एसके अली के अनुसार, आरोपी पति मोहम्मद अजहरुद्दीन बुधवार की रात फरहाना और दोनों बच्चों को गांव के बाहरी इलाके में स्थित अपनी जमीन पर ले गया था। वहां उसने एक बच्ची का जन्मदिन मनाया और पूरे परिवार के साथ रात का खाना खाया। संपत्ति पर एक स्विमिंग पूल भी बना हुआ है। आरोप है कि इसी दौरान अजहरुद्दीन ने अपनी पत्नी और दोनों बेटियों की हत्या कर दी और शवों को पूल में फेंक दिया। गुरुवार की सुबह उसने परिजनों को फोन कर इसे एक ‘हादसा’ (डूबने से मौत) बताने की कोशिश की।
बेटा न होने का शक और प्रताड़ना
फरहाना के पिता एसके अली ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी और अजहरुद्दीन की शादी को 6 साल हो चुके थे। फरहाना फिलहाल 5 महीने की गर्भवती थी।
लिंग परीक्षण और शक
पिता का आरोप है कि अजहरुद्दीन को शक था कि इस बार भी गर्भ में पल रहा बच्चा ‘लड़की’ ही है। इसी सनक के कारण वह फरहाना को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता था। शिकायत में यह भी कहा गया है कि फरहाना को पहले भी दो बार गर्भपात (अबॉर्शन) कराने के लिए मजबूर किया गया था। वह लगातार बेटे की चाहत में अपनी पत्नी पर दबाव बना रहा था।
साजिश के तहत हत्या
परिवार का मानना है कि जन्मदिन का जश्न महज एक दिखावा था ताकि वह अपनी पत्नी और बेटियों को एकांत में ले जाकर इस वारदात को अंजाम दे सके। पर्वतगिरी पुलिस ने इस मामले में हत्या और प्रताड़ना की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद से ही आरोपी मोहम्मद अजहरुद्दीन फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
स्विमिंग पूल और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मौत डूबने से हुई है या उन्हें पहले मारा गया था। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट से ही साफ हो पाएगा कि फरहाना के शरीर पर चोट के निशान थे या नहीं। हनमकोंडा के पुन्नोल गांव में हुई इस दिल दहला देने वाली घटना ने समाज की पितृसत्तात्मक सोच और ‘बेटे की चाहत’ के खौफनाक चेहरे को उजागर किया है। यह मामला केवल एक घरेलू हिंसा का उदाहरण नहीं है, बल्कि यह लिंग आधारित हिंसा की पराकाष्ठा है। एक व्यक्ति जिसने अपनी पत्नी को पहले दो बार गर्भपात के लिए मजबूर किया और फिर केवल इस ‘शक’ में उसकी जान ले ली कि आने वाला बच्चा फिर से बेटी हो सकती है, वह समाज के लिए एक बड़ा खतरा है।

















