अमेरिका ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध से दो-तीन हफ्तों में निकल सकता है, भले ही कोई डील न हो। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह बात कही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका का मुख्य लक्ष्य था कि ईरान के पास परमाणु हथियार न हों, और वह लक्ष्य हासिल हो गया है। जरूरत पड़ी तो अमेरिका वापस आकर कुछ खास जगहों पर हमला कर सकता है।
ईरान युद्ध से बाहर निकलना चाहते हैं ट्रंप
ट्रंप ने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि अमेरिकी सेना अब जल्दी ही इस अभियान को खत्म कर देगी। उन्होंने साफ कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी उन देशों की है जो तेल और नौवहन के लिए इस पर निर्भर हैं। अगर सहयोगी देश मदद नहीं करते तो अमेरिका अकेला यह बोझ नहीं उठाएगा। उन्होंने नाटो को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए उसे डरपोक करार दिया। उन्होंने कहा कि अगर यूरोपीय देश ईरान युद्ध में अमेरिका के साथ नहीं आते तो अमेरिका नाटो छोड़ने पर विचार कर रहा है। साथ ही यूक्रेन को हथियार देने बंद करने की धमकी भी दी। ट्रंप ने कहा कि नाटो एक “पेपर टाइगर” है, यानी दिखावा भर है। उन्होंने सहयोगी देशों से कहा, “जाओ, अपना तेल खुद हासिल करो।” ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान को चेतावनी दी।
ईरान को पाषाण युग में भेजने की धमकी
उन्होंने कहा कि अगर ईरान इस जलडमरूमध्य को बंद रखता है तो अमेरिका उसे बमबारी करके पाषाण युग में भेज सकता है। उन्होंने 6 अप्रैल तक की समयसीमा भी बताई। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करके दावा किया कि ईरान युद्धविराम चाहता है, लेकिन यह तभी होगा जब होर्मुज पूरी तरह खुला, स्वतंत्र और निर्बाध हो।
ईरान ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि कोई युद्धविराम की पेशकश नहीं की गई है। उन्होंने ट्रंप के बयानों को अप्रैल फूल जैसा मजाक बताया। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अल जजीरा को दिए इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत पर भरोसा शून्य है। उन्होंने साफ किया कि ईरान धमकियों और समयसीमा की भाषा समझता नहीं है और लड़ाई जारी रखने को तैयार है।
इस बीच दोनों तरफ से हमले जारी हैं। ईरान ने खाड़ी देशों पर फिर हमले किए, कतर के जलक्षेत्र में एक तेल टैंकर को निशाना बनाया और बहरीन में अमेरिकी कंपनी अमेजन के सेंटर पर हमला किया। वहीं इजरायल ने तेहरान समेत कई जगहों पर हमले किए। इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के एक बड़े कमांडर हज यूसुफ इस्माइल हाशेफ को मार गिराने की बात कही।
लगातार बयान बदल रहे ट्रंप
ट्रंप बुधवार रात को राष्ट्र के नाम संबोधन देने वाले थे, जिसमें ईरान युद्ध पर अपडेट देने की उम्मीद थी। उनके बयान लगातार बदलते रहे हैं। कभी वे कहते हैं कि लक्ष्य पूरा होने तक युद्ध जारी रहेगा, तो कभी कहते हैं कि जल्द खत्म हो जाएगा। इस स्थिति में सहयोगी देशों के बीच भी असमंजस साफ दिख रहा है। उन्होंने दोहराया कि अमेरिका ईरान को पूरी तरह तबाह कर सकता है अगर जरूरत पड़ी, लेकिन अब जल्दी निकलने की तैयारी में है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन अभी भी पद पर हैं, जबकि ट्रंप ने “नए शासन” की बात की थी, जिस पर ईरान ने आपत्ति जताई।

















