उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक शिक्षक नितिन कुमार के ससुर मेहरुद्दीन ने अपने भाई आसिफ के साथ मिलकर उसकी बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। यह घटना सोमवार (30 मार्च) देर शाम की है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल शिक्षक को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां मंगलवार (31 मार्च) को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस आरोपी मेहरुद्दीन समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
आर्य समाज मंदिर में किया था प्रेम विवाह
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना गाजियाबाद के टीलामोड़ थाना क्षेत्र के फरुखनगर गांव की है। लोनी के गीतांजलि विहार निवासी नितिन राठी (32) एक निजी कॉलेज में शिक्षक थे। उनकी मुलाकात मुस्कान से कॉलेज में हुई थी, जहां उस समय वह बीएड की पढ़ाई कर रही थी। दोनों के बीच पहले दोस्ती हुई, जो बाद में प्रेम में बदल गई। हिंदू होने की वजह से मुस्लिम लड़की के परिवार वाले नितिन से शादी के लिए राजी नहीं थे। इसलिए दोनों ने एक साल पहले आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह कर लिया, जिसमें दोनों के परिवारों का कोई सदस्य शामिल नहीं हुआ। शादी के बाद नितिन और मुस्कान साथ रहने लगे।
सुलह कराने का कहकर बुलाया, फिर लाठी-डंडों से मारा
बताया जा रहा है कि शनिवार (28 मार्च) सुबह देर से उठने के कारण नितिन ने मुस्कान को डांट दिया। इस बात को लेकर दोनों के बीच काफी विवाद हुआ, जिसके बाद मुस्कान गुस्से में अपने मायके चली गई। देर शाम मुस्कान के चाचा आसिफ ने नितिन को फोन पर सुलह कराने का कहकर बुलाया, लेकिन वह नहीं गया। इसके बाद 30 मार्च को पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने समझौता कराने की बात कही।रात करीब 8 बजे नितिन अपने छोटे भाई अमित और उस महिला के साथ ससुराल के लिए निकला, लेकिन रास्ते में उसने महिला को घर लौटा दिया।
मेहरुद्दीन ने भाई आसिफ के साथ मिलकर की हत्या
जैसे ही दोनों भाई भनेड़ा पुलिया के पास पहुंचे, वहां उसका ससुर मेहरुद्दीन अपने भाई आसिफ सहित 4-5 लोगों के साथ मिल गया। यहां नितिन और उनके बीच कहासुनी हो गई। मौका पाकर छोटा भाई अमित भाग निकला, जबकि शिक्षक को उसके ससुर और साथ में आए लोगों ने पकड़ लिया। उसे लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा और मरा समझकर छोड़कर फरार हो गए। दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में घायल शिक्षक को भर्ती कराया गया, जहां 31 मार्च को नितिन की इलाज के दौरान मौत हो गई।

















