खाड़ी में चल रहे युद्ध के बीच ईरान की संसद के स्पीकर ने अमेरिका पर बातचीत करने का स्वांग रचते हुए गुप्त रूप से जमीनी हमले की योजना बनाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दुश्मन सार्वजनिक तौर पर भले ही कहता है कि वह बातचीत करना चाहता है, लेकिन असल बात ये है कि वो हमले की योजना बना रहा है।
द गॉर्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर घालिबाफ ने युद्ध शुरू हुए 30 दिन पूरे होने पर एक जारी किए गए संदेश में ये बातें कही। इसके साथ ही उनका ये भी कहना है कि ईरानी बल अमेरिकी सैनिकों के ज़मीन पर आने का इंतज़ार कर रहे हैं ताकि उन्हें आग के हवाले किया जा सके और उनके क्षेत्रीय साथियों को सजा दी जा सके। घालिबाफ ने यह भी कहा कि “हमारी फायरिंग जारी है, हमारे मिसाइल तैयार हैं और हमारा संकल्प और विश्वास बढ़ गया है।”
हर तरह के जमीनी हमले के लिए तैयार
उन्होंने दो टूक कहा है कि ईरान किसी भी ज़मीनी हमले का मुकाबला करने के लिए तैयार है। उन्होंने अमेरिका के 15 सूत्री सीजफायर प्रस्ताव को ठुकरा दिया था, जिसमें हार्मुज जलडमरूमध्य खोलने और ईरान के न्यूक्लियर कार्यक्रम पर रोक लगाने की बात थी। इसके बजाय ईरान ने अपना जवाब पाकिस्तान के जरिए भेजा, लेकिन आधिकारिक बातचीत से इनकार कर दिया।
यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था। अब यह अपना दूसरा महीना पूरा कर रहा है। इसमें अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं और दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति में सबसे बड़ी रुकावट आई है। यह मुख्य रूप से अमेरिका और इज़राइल के साथ इरान के बीच चल रहा है।
लाल सागर में हूती फ्रंट भी एक्टिव
असल बात ये है कि ईरान भी अमेरिकी मंशा को भांप चुका है और शायद यही कारण है कि उसने युद्ध का एक और फ्रंट खोल दिया है। ये फ्रंट है यमन में हूती। ये आतंकी समूह मुख्यतया ईरान का ही प्रॉक्सी है, जिसने बॉब अल मंदेब को ब्लॉक करना शुरू कर दिया है। यहीं नहीं उसने इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला भी किया। बदले में इज़राइली हवाई हमलों में तेहरान समेत ईरान के कई हथियार निर्माण केंद्रों को निशाना बनाया गया। एक हमले में तेहरान के एक बिल्डिंग में कतर की अल अरबी टीवी का दफ्तर भी प्रभावित हुआ, जिससे इलाके में बिजली गुल हो गई।
क्या कर रहा अमेरिका
गौरतलब है कि अमेरिकी युद्ध विभाग पेंटागन ईरान में हफ्तों तक चलने वाले ज़मीन अभियानों की तैयारी कर रहा है। हजारों अमेरिकी सैनिक और मरीन मध्य पूर्व पहुंच चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्पेशल फोर्सेस और सामान्य सैनिक ये हमले कर सकते हैं, जिनमें उनका निशाना खार्ग द्वीप (इरान का मुख्य तेल निर्यात केंद्र) और हार्मुज के पास के इलाके शामिल हो सकते हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलाइन लेविट ने कहा कि पेंटागन की यह प्लानिंग राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ज्यादा विकल्प देने के लिए है, न कि कोई अंतिम फैसला। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने यूएसएस ट्रिपोली पर सैनिकों और मरीन के पहुंचने का वीडियो भी जारी किया है।

















