31 मार्च की समयसीमा से पहले 96 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण; ओडिशा में अब केवल 15 सक्रिय: मुख्यमंत्री मोहन माझी
August 23, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत ओडिशा

31 मार्च की समयसीमा से पहले 96 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण; ओडिशा में अब केवल 15 सक्रिय: मुख्यमंत्री मोहन माझी

ओडिशा माओवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के करीब पहुंच चुका है। राज्य में अब केवल 15 सक्रिय माओवादी बचे हैं, यह जानकारी मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने विधानसभा में दी।

Written byडॉ. समन्वय नंदडॉ. समन्वय नंद — edited by Lalit Fulara
Mar 24, 2026, 05:12 pm IST
inओडिशा

ओडिशा माओवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के करीब पहुंच चुका है। राज्य में अब केवल 15 सक्रिय माओवादी बचे हैं, यह जानकारी मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने विधानसभा में दी। उन्होंने बताया कि यह बड़ी गिरावट लगातार चल रहे सुरक्षा अभियानों और प्रभावी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का परिणाम है।

सीमित क्षेत्रों तक सिमटा माओवादी प्रभाव
मुख्यमंत्री ने विधानसभा को बताया कि शेष माओवादी मुख्य रूप से कंधमाल, कलाहांडी व राय़गडा जिले के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य के अन्य किसी हिस्से से माओवादी गतिविधि की कोई सूचना नहीं है। हालांकि, कंधमाल जिला अभी भी केंद्र की सुरक्षा संबंधी व्यय (एसआरई) योजना के तहत माओवादी प्रभावित क्षेत्र के रूप में वर्गीकृत है। इसका कारण यहां के घने जंगल और अंतर-जिला सीमाओं के पास स्थित होना है, जो माओवादियों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है।

एक महीने में तेज गिरावट
राज्य में माओवादियों की संख्या में बहुत कम समय में बड़ी गिरावट देखी गई है। विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, सक्रिय माओवादियों की संख्या एक महीने में 40 से घटकर 15 रह गई है। पहले ये अलग-अलग समूहों में बंटकर बौध, बलांगीर और बरगढ़ सहित कई जिलों में सक्रिय थे। कांग्रेस विधायक ताराप्रसाद बाहिनीपति के प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य 31 मार्च तक माओवाद मुक्त होने के केंद्र के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।


96 माओवादियों का आत्मसमर्पण
इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण आत्मसमर्पण की बढ़ती संख्या है। वर्ष 2024 से लेकर 15 मार्च 2026 तक कुल 96 माओवादी और मिलिशिया सदस्य आत्मसमर्पण कर चुके हैं। राज्य सरकार का कहना है कि यह सफलता उसकी व्यापक आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति का परिणाम है। इस नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को आर्थिक सहायता, आवास, मासिक भत्ता और 36 महीनों तक व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अलावा विवाह सहायता, स्वास्थ्य सुविधाएं और राशन कार्ड जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं, ताकि उनका समाज में स्थायी पुनर्वास सुनिश्चित हो सके।

सुरक्षा बलों की व्यापक तैनाती
राज्य में माओवाद के पूरी तरह उन्मूलन और पुनरुत्थान रोकने के लिए बड़े पैमाने पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। बीजद विधायक ध्रुब चरण साहू के प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में सीमा सुरक्षा बल (BSF) की 28 कंपनियां, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 12 कंपनियां और स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) की 38 टीमें तैनात हैं। इसके अलावा जिला स्वैच्छिक बल (DVF) के 487 जवान, इंडिया रिजर्व बटालियन की 37 प्लाटून, स्पेशल सिक्योरिटी बटालियन की 29 प्लाटून और ओडिशा स्पेशल स्ट्राइकिंग फोर्स की 58 प्लाटून भी सक्रिय हैं। ये सभी बल मिलकर माओवादियों पर लगातार दबाव बनाए हुए हैं। इन अभियानों पर राज्य सरकार ने भारी खर्च भी किया है। 1 अप्रैल 2024 तक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती पर 298.67 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि अप्रैल 2024 से मार्च 2025 के लिए अतिरिक्त 21.44 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

31 मार्च से पहले अंतिम अभियान
31 मार्च 2026 की समयसीमा नजदीक आते ही राज्य में माओवाद के पूरी तरह खात्मे के लिए अंतिम अभियान तेज कर दिया गया है। विशेष रूप से कंधमाल, रायगड़ा और कालाहांडी के त्रि-जंक्शन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं, जहां शेष माओवादी सक्रिय बताए जा रहे हैं।
ओडिशा के पुलिस महानिदेशक वाई बी खुरानिया ने बताया कि हाल के अभियानों में महत्वपूर्ण सफलता मिली है, जिसमें अवैध हथियारों और निर्माण उपकरणों से भरे माओवादी ठिकानों का पता लगाया गया है।
उन्होंने कहा, “हमारे अभियान जारी हैं और हमें पूरा विश्वास है कि 31 मार्च तक हम लक्ष्य हासिल कर लेंगे। माओवादियों की मौजूदगी अब बहुत छोटे क्षेत्र तक सीमित रह गई है और हम सभी सीमावर्ती इलाकों में कड़ी निगरानी बनाए हुए हैं।”

सीमा क्षेत्रों में बढ़ाई गई सतर्कता
डीजीपी ने यह भी बताया कि ओडिशा की सीमाएं छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे राज्यों से लगती हैं, जहां भी माओवाद विरोधी अभियान चल रहे हैं। ऐसे में माओवादियों के एक राज्य से दूसरे राज्य में आने-जाने की संभावना बनी रहती है। इसको देखते हुए सुंदरगढ़, क्योंझर और राउरकेला जैसे सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

आत्मसमर्पण नहीं तो कार्रवाई
कंधमाल पुलिस ने कार्रवाई को तेज करते हुए 11 माओवादियों की पहचान करते हुए पोस्टर जारी किए हैं। इनमें जोनल कमेटी सदस्य शुकुरु और डिविजनल कमेटी सदस्य शीला सहित रंजिता, मोंटू, संतोष, संध्या और सुषमा जैसे नाम शामिल हैं। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि आत्मसमर्पण ही एकमात्र विकल्प है। जो माओवादी आत्मसमर्पण करेंगे, उन्हें घोषित इनाम राशि के साथ पुनर्वास योजनाओं का लाभ मिलेगा। वहीं, आत्मसमर्पण नहीं करने पर सुरक्षा अभियानों के दौरान सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

कंधमाल बना मुख्य केंद्र
समयसीमा से कुछ दिन पहले कंधमाल जिला राज्य की रणनीति का केंद्र बन गया है। 19 मार्च से यहां 60 से 70 टीमों को तैनात किया गया है, जिनमें SOG, CRPF और जिला पुलिस शामिल हैं। इन बलों ने पूरे इलाके को घेरकर तलाशी अभियान तेज कर दिया है। स्थिति अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। हाल ही में बरामद हथियारों और उपकरणों से संकेत मिलता है कि माओवादी सीमित क्षेत्र में सिमट गए हैं और उन पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।

मुख्यधारा में लौटने की अपील
इन अभियानों के बीच कंधमाल के पुलिस अधीक्षक हरीश बिशी ने शेष माओवादियों से आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार उन सभी को सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है, जो हिंसा छोड़कर सामान्य जीवन अपनाना चाहते हैं।

माओवाद मुक्त ओडिशा की ओर
लगातार सुरक्षा अभियानों, प्रभावी पुनर्वास नीतियों और घटती माओवादी संख्या के साथ ओडिशा अब माओवाद मुक्त राज्य बनने की दहलीज पर खड़ा है। अधिकारियों को भरोसा है कि अंतिम चरण के प्रयासों से जल्द ही राज्य पूरी तरह माओवाद मुक्त हो जाएगा और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित होगी।

Topics: Odishachief minister mohan majhiMaoism in OdishaMaoists surrender
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

ओडिशा : मुख्यमंत्री मोहन माझी ने 16वां नियुक्ति मेले में 1326 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किया

ओडिशा के CM मोहन चरण माझी ने की ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत, 17 तक होगें विभिन्न आयोजन

ओडिशा: पुलिस ने 42 बांग्लादेशी नागरिकों को वापस बांग्लादेश भेजा, घुसपैठ के खिलाफ अभियान को बड़ी सफलता

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कटक में जगद्गुरु कृपालु विश्वविद्यालय का किया उद्घाटन, युवाओं को सशक्त बनाने पर दिया जोर

स्वामी लक्ष्मणानंद पुस्तक विमोचन: दत्तात्रेय होसबाले ने कहा- भारत में कभी सफल नहीं होंगे धर्मरक्षकों को दबाने के प्रयास

ओडिशा के CM ने फुलबाणी मेडिकल कॉलेज का नाम ‘स्वामी लक्ष्मणानंद’ के नाम पर रखा, विकास पैकेज की घोषणा

Load More

ताज़ा समाचार

इंदिरा गांधी स्टेडियम में होगा गायत्री परिवार का विराट समारोह, 31 अक्टूबर से शुरू होगा 3 दिवसीय आयोजन

लातूर के उर्दू स्कूल में पहुंचे अभिजीत दिपके, छात्रों से पूछे कई सवाल; शिक्षिका की शिकायत के बाद दर्ज हुआ केस

Aadhaar card update

बच्चे का Aadhaar बना है तो अभी कर लें ये काम, 30 सितंबर के बाद लग सकता है चार्ज

प्रतीकात्मक चित्र

बांग्लादेश में हिंदू परिवार के चार सदस्यों के शव मिले, हत्या का आरोप

स्वाइन फ्लू

छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू का पहला मामला, 2 साल की बच्ची में H1N1 वायरस की पुष्टि

भारत ने बना डाली पहली 100% स्वदेशी AK-203, ‘शेर’ ने पास किया फायरिंग टेस्ट

कीर्ति आजाद

तृणमूल सांसद कीर्ति आजाद के खिलाफ रंगदारी मांगने का मामला, सीआइडी जांच शुरू

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी

तिरंगे की शान और 140 करोड़ देशवासियों के सपना ही अंतरिक्ष में भारत का संकल्पः प्रधानमंत्री मोदी

इस्कॉन की रथ यात्रा में पहुंचे अर्नोल्ड श्वार्जनेगर, रथ के सामने सेल्फी लेते दिखे; तस्वीरें वायरल

प्रतीकात्मक तस्वीर

खाड़ी देशों में पाकिस्तानियों पर बड़ी कार्रवाई, 20 हजार से ज्यादा नागरिक डिपोर्ट, सऊदी अरब सबसे आगे

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies