हाल ही में देश के अलग-अलग एयरपोर्ट्स से एनआईए के द्वारा गिरफ्तार किए गए एक अमेरिकी नागरिक और 6 यूक्रेनी नागरिकों के मामले में चौंकाने वाली बात सामने आई है। पता चला है कि इन सभी के बारे में इंटेलीजेंस रूस ने दी थी। रुस से ही मिली जानकारी के आधार पर NIA ने इन सभी को गिरफ्तार किया था।
जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया था, उनकी पहचान एक अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं। इनके नाम हैं माक्सिम होन्चारुक, पेट्रो हुब्रा, सुकमानोव्स्की इवान, स्टेफांकीव मारियन, स्लिवियाक तारास और कामिंस्की विक्टर। इन सबको 17 मार्च को दिल्ली की अदालत ने NIA की हिरासत में 27 मार्च तक भेज दिया।
मैथ्यू वैनडाइक कौन है?
मैथ्यू आरोन वैनडाइक बाल्टीमोर (अमेरिका) का रहने वाला है। वो एक सैन्य ठेका कंपनी ‘संस ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल’ का संस्थापक है। कहा जा रहा है उसने पहले सीआईए में शामिल होने की कोशिश की थी। लेकिन नहीं हो सका। उसके बाद उसने सैनिक, अंतरराष्ट्रीय व्यापारी और युद्ध संवाददाता के रूप में काम किया।
रूसी सूचना की भूमिका
रूसी अधिकारियों ने भारतीय एजेंसियों को इन लोगों की गतिविधियों की जानकारी दी थी। इसी सूचना के आधार पर NIA ने कार्रवाई शुरू की। सूचना कितनी विस्तृत थी या इसमें क्या-क्या शामिल था, इसकी कोई आधिकारिक डिटेल अभी नहीं बताई गई है।
क्या था आरोप?
NIA के अनुसार ये लोग 2024 से म्यांमार जा रहे थे। वहाँ वे जातीय सशस्त्र समूहों को ड्रोन और जैमिंग उपकरण सप्लाई कर रहे थे और ट्रेनिंग दे रहे थे। ये समूह भारत में सक्रिय कुछ आतंकवादी संगठनों या गिरोहों का साथ देते हैं। ट्रेनिंग में ड्रोन उड़ाना, ड्रोन असेंबल करना, ड्रोन वॉरफेयर और जैमिंग तकनीक सिखाई जाती थी। बताया जाता है कि ये सभी मिजोरम होते हुए बिना परमिट के म्यांमार में घुसे थे। भारत में टूरिस्ट वीजा पर आए थे, फिर गुवाहाटी होते हुए मिजोरम गए और वहाँ से बिना दस्तावेज के सीमा पार की।
तीन माह से इन पर नजर रखे हुए थी NIA
NIA की टीम पिछले करीब तीन महीने से देश के पूर्वोत्तर इलाके में इन लोगों पर नजर रख रही थी। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में इन लोगों ने ड्रोन ट्रेनिंग और यूरोप से ड्रोन लाकर म्यांमार भेजने की बात मानी है। NIA अब उन लोगों को भी ढूंढ रही है जिन्होंने इनके मिजोरम जाने और सीमा पार करने में मदद की। कुल 14 लोगों का एक ग्रुप म्यांमार गया था। इन सात के अलावा बाकी आठ लोगों का अभी पता नहीं चल पाया है।
















