झारखंड में हिंदुओं का त्योहार आते ही सरकार का रंग ही बदल जाता है। कई तरह के नियम और कानूनों का हवाला देकर हिंदू त्योहारों में विवाद पैदा करने की कोशिश होने लगती है। इधर रामनवमी का त्योहार आने वाला है और दूसरी तरफ सरकार की तरफ से फरमान जारी हो गया कि त्योहारों में डीजे नहीं बजने दिया जाएगा। इसके पीछे सरकार का तर्क है कि वह ध्वनि प्रदूषण कानून के तहत इस तरह के फैसले ले रही है। वहीं दूसरी तरफ विपक्ष ने भी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि अगर बात कानून के पालन की है तो सिर्फ हिंदू त्योहारों पर ही क्यों लगाम लगाई जा रही है। वर्ष भर में कई बार मुसलमानों के त्योहार भी आते हैं और प्रतिदिन नमाज भी पांच बार पढ़ी जाती है। इस स्थिति में सरकार चुप्पी क्यों साध लेती है?
इस मामले को लेकर झारखंड विधानसभा में भी जमकर हंगामा देखने को मिला। हटिया के भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने सदन में आवाज उठाई कि रामनवमी जुलूस में डीजे बजाने पर रोक लगाकर सरकार हिंदू आस्था को निशाना बना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदू त्योहारों को टारगेट किया जा रहा है, जबकि अन्य समुदाय के मौकों पर ऐसी सख्ती दिखाई नहीं देती है।
इस मामले को लेकर सदन में भाजपा विधायकों ने पुरजोर नारे लगाए और मामला बढ़ने के बाद पूरी कार्यवाही को 20 मिनट के लिए स्थगित भी करना पड़ा।
बाबूलाल मरांडी ने भी कहा कि रामनवमी का जुलूस झारखंड की सभी सड़कों, गली-मोहल्लों और सार्वजनिक स्थानों पर बेरोकटोक निकलना चाहिए और राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि रामनवमी के जुलूस में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो। रामनवमी में सरकार डीजे पर प्रतिबंध लगाकर समुदाय विशेष के तुष्टिकरण का प्रयास कर रही है। सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट आदेश है कि रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 6:00 बजे तक डीजे बजाने की मनाही है। यदि सरकार को रोक लगानी है तो मस्जिदों पर सुबह 4:00 बजे से ही लाउडस्पीकर के माध्यम से होने वाली अजान पर भी रोक लगाए। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड में रामनवमी का जुलूस धूमधाम से गाजे-बाजे के साथ निकलेगा।
झारखंड में सभी सड़कों, गली मुहल्लों, और सार्वजनिक स्थानों पर बेरोकटोक रामनवमी जुलूस निकलनी चाहिए और राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि रामनवमी के जुलूस में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो।
रामनवमी में सरकार डीजे पर प्रतिबंध लगाकर समुदाय विशेष के तुष्टिकरण का प्रयास कर… pic.twitter.com/jZe9O0tzzU
— Babulal Marandi (@yourBabulal) March 12, 2026
आपको यह भी बता दें कि हर वर्ष होने वाले किसी न किसी हिंदू त्योहार में कहीं न कहीं व्यवधान उत्पन्न करने की कोशिश की जाती रही है। फिर चाहे रामनवमी का त्योहार हो, महाशिवरात्रि हो या सरस्वती पूजा का मामला हो। इस दौरान निकाले जाने वाले जुलूसों पर अक्सर पत्थरबाजी की घटनाएं देखी गई हैं। यहां तक कि बोकारो में सरस्वती पूजा के दौरान एक नाबालिग युवक की हत्या भी कर दी गई थी। बाबूलाल मरांडी इन्हीं घटनाओं की बात कर रहे थे, जिन पर सरकार को गंभीरता से रोक लगाने की कोशिश करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हिंदू त्योहारों में इस तरह का कोई व्यवधान न हो।
हाल के कुछ वर्षों कि अगर बात की जाए तो हिंदुओं के लगभग सभी त्योहारों में व्यवधान उत्पन्न करने की कोशिश की गई है। पिछले वर्ष 25 मार्च 2025 को रामनवमी से पहले निकले मंगला जुलूस पर जामा मस्जिद चौक के पास पत्थरबाजी हुई थी। इसके एक महीने पहले हजारीबाग जिले में ही महाशिवरात्रि के दौरान झंडा लगाने और लाउडस्पीकर लगाने पर मुस्लिम समुदाय ने जमकर विरोध किया और हिंदुस्तान चौक पर पत्थरबाजी की गई थी, जिसमें कई वाहन जला दिए गए थे और एक दुकान में आग लगा दी गई थी।
ऐसा ही मामला 15 मार्च 2025 को होली के दौरान गिरिडीह जिले से भी देखने को मिला था। यहां होली के जुलूस के दौरान मुस्लिम समाज द्वारा आपत्ति जताए जाने के बाद कई वाहन और दुकानें जला दी गई थीं। इसके बाद जनजातीय समाज द्वारा मनाए जाने वाले सरहुल पर्व के दौरान रांची में 4 अप्रैल 2025 को हेथबालु गांव में मुस्लिम भीड़ द्वारा हमला कर दिया गया था। इसमें आरिफ अंसारी और जाकिर अंसारी नाम के दो लोगों की गिरफ्तारी भी की गई थी।
वर्ष 2024 में भी बोकारो जिले में रामनवमी जुलूस के दौरान मस्जिद से गुजरते ही मुसलमानों की भीड़ ने हमला कर दिया, जिसमें 12 से अधिक लोग घायल हुए थे।
ठीक ऐसा ही मामला वर्ष 2023 में साहिबगंज जिले में रामनवमी के दौरान भी सामने आया था। पहले चौक में रामनवमी जुलूस पर हमला किया गया था, जिसमें पत्थरबाजी और हिंसा की घटनाएं देखने को मिली थीं।
इसी तरह की कई घटनाएं पूरे झारखंड के कई जिलों से हर वर्ष किसी न किसी हिंदू त्योहार में देखने को मिलती रही हैं। ऐसी स्थिति में जब प्रशासन को इन कट्टरपंथियों पर नकेल कसनी चाहिए थी, उस जगह पर हिंदू त्योहारों के उल्लास को ही कम करने की कोशिश की जा रही है।

















