इजरायल ईरान युद्ध के बीच इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को धमकी दी है कि तेहरान के नेताओं के लिए “कोई लाइफ इंश्योरेंस” नहीं है। साथ ही उन्होंने मोजतबा को इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का “पपेट” यानि कि कठपुतली करार दिया, जो कि अब जनता में अपना चेहरा दिखाने से डरता है। नेतन्याहू ने दावा किया कि अमेरिका और इज़रायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई उम्मीद से तेजी से आगे बढ़ रही है और ईरान को काफी कमजोर कर दिया है।
ईरान पर हमलों का बचाव
नेतन्याहू ने ईरान पर हमलों को जायज ठहराया। उनका कहना था कि अगर तुरंत कार्रवाई नहीं करते तो ईरान कुछ महीनों में परमाणु हथियार और लंबी दूरी की मिसाइलें बना लेता, जिन्हें रोकना मुश्किल हो जाता। उन्होंने कहा कि ये हमले ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को रोकने, मिसाइल प्रोग्राम को खत्म करने और उसके प्रॉक्सी ग्रुप्स को कमजोर करने के लिए हैं। बता दें कि 28 फरवरी को इज़रायल ने ‘ऑपरेशन रोअरिंग लायन’ शुरू किया था, उसके बाद अमेरिका ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ चलाया।
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सत्ता परिवर्तन के लिए दबाव का इशारा
नेतन्याहू ने ईरानी लोगों से बात की और कहा कि रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स और बसिज पर सड़कों व चेकपॉइंट्स पर भारी हमले हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता का नया रास्ता अपनाने का मौका करीब आ रहा है और इज़रायल उनके साथ है, लेकिन बदलाव उनके हाथ में है। इज़रायल ग्राउंड फोर्स नहीं भेजेगा सरकार गिराने के लिए।
ईरानी लोगों को संबोधित करते हुए वह कहते हैं, “आपके लिए फ्रीडम का नया रास्ता अपनाने का मौका करीब है। हम आपके साथ हैं, मदद कर रहे हैं। लेकिन आखिरकार ये आपके हाथ में है। किसी को पानी तक ले जाया जा सकता है, लेकिन पीने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। हम सबसे अच्छी स्थिति तैयार कर रहे हैं, जैसे कल और इन दिनों एयरस्ट्राइक्स से, ताकि उन्हें सड़कों पर आने का मौका मिले।”
‘न अब वही ईरान, न अब वही मिडिल ईस्ट’
नेतन्याहू का कहना था कि इस युद्ध ने इलाके का बैलेंस बदल दिया है। अब न ईरान वही है, न मिडिल ईस्ट वही, और न इज़राइल वही। इज़राइल ने अब ज्यादा आक्रामक मिलिट्री डॉक्ट्रिन अपनाई है – वो अब इंतजार नहीं करता, बल्कि पहले हमला करता है और अभूतपूर्व ताकत से। उन्होंने कहा कि अभियान में “कई सरप्राइज” अभी बाकी हैं।
ट्रंप के साथ मजबूत रिश्ते की तारीफ
नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ करीबी का जिक्र किया। कहा कि दोनों रोज़ लगभग बात करते हैं, आइडियाज शेयर करते हैं और फैसले साथ लेते हैं। उनका रिश्ता किसी भी पहले अमेरिकी-इज़राइली रिश्ते से सौ गुना मजबूत है। ये सिर्फ आज के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों और इंसानियत के भविष्य के बारे में सोच रहे हैं।














