वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि ईरान की फुटबॉल टीम को आगामी फुटबॉल विश्व कप 2026 में हिस्सा नहीं लेना चाहिए क्योंकि इससे खिलाड़ियों के जीवन और सुरक्षा को खतरा हो सकता है। ट्रंप की यह टिप्पणी उस बयान के दो दिन बाद आई है, जब उन्होंने विश्व फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो से कहा था कि ईरान की टीम का इस प्रतियोगिता में स्वागत किया जाएगा।
ट्रंप ने कहा- ईरान की टीम का विश्व कप में स्वागत लेकिन उनका वहां आना उचित नहीं
ट्रंप ने अपने सामाजिक मंच ट्रुथ पर लिखा कि ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम का विश्व कप में स्वागत है, लेकिन उनका मानना है कि खिलाड़ियों की सुरक्षा को देखते हुए उनका वहां आना उचित नहीं होगा। दरअसल 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए हमलों के बाद शुरू हुए युद्ध के कारण ईरान की इस वर्ष होने वाले पुरुष फुटबॉल विश्व कप में भागीदारी पर अनिश्चितता पैदा हो गई है। यह प्रतियोगिता कनाडा, मैक्सिको और अमेरिका की संयुक्त मेजबानी में आयोजित की जाएगी।
विश्व फुटबॉल महासंघ के प्रमुख ने कहा- ट्रंप के साथ बैठक में ईरान की स्थिति पर हुई चर्चा
विश्व फुटबॉल महासंघ के प्रमुख जियानी इन्फैन्टिनो ने इस सप्ताह बताया कि व्हाइट हाउस में ट्रंप के साथ हुई बैठक के दौरान ईरान की मौजूदा स्थिति पर भी चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने दोहराया कि ईरान की टीम का अमेरिका में होने वाली इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए स्वागत है। इन्फैन्टिनो ने पिछले दिसंबर में विश्व फुटबॉल महासंघ का शांति पुरस्कार शुरू किया था और इसका पहला सम्मान ट्रंप को दिया गया था। मध्य पूर्व में जारी युद्ध को लेकर फुटबॉल प्रशासन के प्रमुख की यह पहली सार्वजनिक टिप्पणी मानी जा रही है। इसी सप्ताह ट्रंप ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई ईरान की महिला फुटबॉल खिलाड़ियों के मामले में भी प्रतिक्रिया दी और उन्हें शरण देने की अपील की। बताया गया कि एशिया कप के एक मुकाबले से पहले राष्ट्रीय गान नहीं गाने के कारण खिलाड़ियों को अपने देश लौटने पर कार्रवाई का डर था। बाद में ऑस्ट्रेलिया सरकार ने वहां रुकने का फैसला करने वाली पांच खिलाड़ियों को शरण देने पर सहमति जता दी।

















