बिहार के सीमांचल क्षेत्र के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 25 से 27 फरवरी तक किशनगंज, कटिहार, अररिया और पूर्णिया जिलों में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया। दौरे के अंतिम दिन शुक्रवार (27 फरवरी, 2026) को पूर्णिया जिले में भारत-नेपाल सीमा से जुड़े सुरक्षा मुद्दों की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि घुसपैठ किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में सीमावर्ती जिलों में सीमा प्रबंधन को और अधिक मजबूत करने, घुसपैठ पर कड़ी निगरानी रखने तथा अंतर-एजेंसी समन्वय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। गृह मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध निर्माण, अतिक्रमण, अवैध प्रवासन, नकली भारतीय मुद्रा (एफआईसीएन) के प्रसार और अनधिकृत वित्तीय लेन-देन जैसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए संयुक्त अभियान चलाए जाएं।
दौरे के दौरान उन्होंने सीमा चौकियों का उद्घाटन किया और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की विभिन्न परियोजनाओं का ई-उद्घाटन और ई-शिलान्यास किया। गृह मंत्री ने निर्देश दिए कि संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के लिए घर-घर सर्वेक्षण अभियान चलाया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि सत्यापन के दौरान अनुपस्थित पाए गए व्यक्तियों की जांच हो, लेकिन किसी भी वास्तविक भारतीय नागरिक या मतदाता का नाम त्रुटिवश सूची से न हटे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सीमावर्ती इलाकों में विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ सुरक्षा तंत्र को आधुनिक तकनीक से लैस किया जाए, ताकि सीमा पार से होने वाली अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

















